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औंधे मुंह गिरा पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर फिर फैला रहा था झूठ, सरेआम हुआ बेनकाब

Updated at : 03 Jan 2026 10:18 AM (IST)
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Pakistan’s Operation Sindoor Propaganda Falls Flat Desperate Attempt of Fake Satellite Images Exposed Again.

पाकिस्तान का ऑपरेशन सिंदूर प्रोपेगेंडा फेल, नकली सैटेलाइट तस्वीरों की हताश कोशिश फिर बेनकाब. फोटो- एक्स.

Pakistan’s Operation Sindoor Propaganda: पाकिस्तान का ऑपरेशन सिंदूर पर गलत सूचना देने वाला प्रोपेगेंडा एक बार फिर फेल हो गया है. नकली सैटेलाइट तस्वीरों को एडिट करते हुए, झूठ परोसने की हताश कोशिश फिर बेनकाब हुई है. पाकिस्तान ने अमृतसर एयरबेस, जालंधर, ब्यास, पठानकोट और तिब्री को लेकर दावे किए थे. 

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Pakistan’s Operation Sindoor Propaganda: सैन्य मोर्चे पर असफलता के बाद पाकिस्तान एक बार फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर भ्रामक दावे फैलाने की कोशिश कर रहा है. सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही कथित सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए भारत के सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाने का झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, जिसे भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है. पाकिस्तान ने सोशल मीडिया पर अप्रमाणित और छेड़छाड़ की गई सैटेलाइट तस्वीरें साझा करते हुए यह दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य ठिकानों पर सफल हमले किए गए. हालांकि 2 जनवरी को भारत के विदेश मंत्रालय और सैन्य सूत्रों ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह मई 2025 में हुए निर्णायक सैन्य घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान की हताशा का नतीजा है.

ताजा प्रोपेगेंडा अभियान के तहत अमृतसर, पठानकोट और उधमपुर जैसे संवेदनशील भारतीय एयरबेस को कथित रूप से क्षतिग्रस्त दिखाने वाली तस्वीरें प्रसारित की गईं. लेकिन इंडिपेंडेंट फैक्ट चेकर्स और पुख्ता सैटेलाइट इमेजरी ने इन दावों की सच्चाई उजागर कर दी. जांच में साफ हुआ कि ये तस्वीरें या तो पुरानी हैं, डिजिटल रूप से एडिट की गई हैं या फिर हालिया घटनाओं से उनका कोई लेना-देना नहीं है. पाकिस्तान ने अमृतसर एयरबेस, जालंधर, ब्यास, पठानकोट और तिब्री को लेकर दावे किए थे. 

अमृतसर एयरबेस को लेकर डायरेक्ट हिट के दावे किए गए, जबकि स्वतंत्र सैटेलाइट डेटा से स्पष्ट है कि एयरबेस पूरी तरह सुरक्षित है. वहां केवल सामान्य रखरखाव से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देती हैं, जैसे छोटे हथियार भंडारण शेड्स की छत की शीट हटाना. वहीं पठानकोट और तिब्री को लेकर भी नुकसान के दावे किए गए, लेकिन भारतीय सेना के सूत्रों ने पुष्टि की है कि दोनों ठिकानों पर किसी तरह का ढांचागत नुकसान या विस्फोट के कोई संकेत नहीं मिले हैं. इससे जिससे पाकिस्तानी दावे पूरी तरह मनगढ़ंत साबित होते हैं. जालंधर और ब्यास में भी पाकिस्तानी झूठ पूरी तरह बेनकाब हो गया है.

पुराना फुटेज, नया दावा

भारतीय फैक्ट चेक यूनिट (FCU) ने यह भी पाया कि पाकिस्तान ने कई मामलों में पुरानी और असंबंधित फुटेज का इस्तेमाल किया. इसमें 2021 में पंजाब के मोगा में हुए मिग-21 विमान हादसे और 2023 में गाजा पर इजरायली हवाई हमलों के वीडियो शामिल हैं, जिन्हें झूठे तौर पर पंजाब में हालिया पाकिस्तानी कार्रवाई के रूप में पेश किया गया. सोशल मीडिया यूजर डेमियन सायमन ने भी इन दावों को खारिज करते हुए साक्ष्य साझा किए. उन्होंने कहा कि जानबूझकर भ्रामक तस्वीरों को अमृतसर, पंजाब स्थित भारतीय सैन्य ठिकानों पर पाकिस्तानी हमलों के सबूत के तौर पर फैलाया जा रहा है, जबकि सत्यापन से साफ है कि कथित लक्ष्यों पर किसी भी तरह की तबाही नजर नहीं आती. उनके द्वारा साझा की गई तस्वीरें इस दुष्प्रचार की पोल खोलती हैं.

सूचना युद्ध का मकसद

विश्लेषकों का मानना है कि इस्लामाबाद द्वारा अपनाई गई यह झूठ और भ्रम की रणनीति अपने सैन्य नेतृत्व को घरेलू आलोचना से बचाने और एक मजबूत जवाबी कार्रवाई का भ्रम पैदा करने की कोशिश है. 2025 के सैन्य टकराव के बाद से भारत अब तक 1,400 से ज्यादा ऐसे यूआरएल की पहचान कर चुका है, जिनमें भ्रामक या भारत-विरोधी सामग्री प्रसारित की जा रही थी. भारत से इस युद्ध में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान में सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अपनी गद्दी पर पकड़ को और मजबूत कर लिया है. पाकिस्तान में अब वे फील्ड मार्शल का पद ले चुके हैं, इतना ही नहीं संवैधानिक आवरण देते हुए, उन्हें पाकिस्तान का पहला चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज भी बना दिया गया है और यह पद उन्हें ताउम्र मिला रहेगा.

ऑपरेशन सिंदूर 2025 की पृष्ठभूमि

ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत मई 2025 में पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद की गई थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी. इसके जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने चार दिनों तक चले अभियान में पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी लॉन्चपैड्स और रडार ठिकानों पर सटीक हमले किए. बहावलपुर और मुरिदके जैसे आतंकी केंद्र इस कार्रवाई का प्रमुख लक्ष्य थे.

इसके बाद पाकिस्तान ने भारत पर जवाबी हमला करने की कोशिश की, जो नाकाम रही. जवाब में भारत ने नूर खान, भोलारी और जैकबाबाद जैसे कई पाकिस्तानी एयरबेस को निशाना बनाया. भारत ने इन हमलों से जुड़े साक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुत किए थे. जनवरी 2026 में सामने आए ताजा सैटेलाइट सबूतों से संकेत मिलता है कि ये पाकिस्तानी एयरबेस अब भी भारतीय हमलों से हुए बुनियादी ढांचे के नुकसान से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं.

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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