Pakistan News : 'भारत चांद पर पहुंच गया, हमारे बच्चे गटर में गिरकर मर रहे हैं', सांसद ने खोली पाकिस्तान की पोल

Edited by Amitabh Kumar
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Syed Mustafa Kamal_ ANI

Pakistan News : मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) पार्टी के नेता सैयद मुस्तफा कमाल ने अपने ही देश पर संसद में तंज कसा है और भारत से तुलना की है.

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Pakistan News : यूं तो भारत के चंद्रयान मिशन की चर्चा पूरी दुनिया में होती है, लेकिन पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान बार-बार इसकी चर्चा करता है और अपने देश से तुलना करता है. ऐसा ही एक ताजा घटनाक्रम सामने आया है. दरअसल, पाकिस्तान के एक और सांसद ने भारत के चंद्रयान मिशन का जिक्र किया है और अपने ही देश पर तंज कसा है. मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) पार्टी के नेता सैयद मुस्तफा कमाल ने भारत और पाकिस्तान की तुलना की और अपने देश में मौजूद सुविधाओं की कमी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत चांद पर पहुंच गया है, जबकि हमारे बच्चे खुले गटर में गिरकर मर रहे हैं.

क्या कहा सैयद मुस्तफा कमाल ने

एमक्यूएम-पी पार्टी के नेता सैयद मुस्तफा कमाल ने संसद में अपने संबोधन में उक्त बातें कही. उन्होंने अपने देश पर ही तंज कसते हुए कहा कि जब दुनिया चांद पर जा रही है तो हमारे बच्चे कराची में गटर में गिरकर मारे जा रहे हैं. हम टीवी पर खबरें देखते हैं कि भारत चांद पर पहुंच गया है और इसके ठीक दो सेकंड बाद दूसरी खबर आती है कि कराची में खुले गटर में एक बच्चे की मौत हो गई.

पाकिस्तान में जल संकट

एमक्यूएम-पी सदस्य यहीं नहीं रुके. उन्होंने देश के कई शहरों में जल संकट का भी जिक्र किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कराची पाकिस्तान को राजस्व इंजन के तौर पर जाना जाता है. 15 वर्षों तक कराची जल संकट से जूझता नजर आया. जो भी पानी आया, वह भी टैंकर माफिया के हाथों में चला गया.

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पाकिस्तान में शिक्षा का हाल

संसद के समक्ष एक रिपोर्ट का हवाला उन्होंने देते हुए सिंध प्रांत का जिक्र किया और कहा कि वहां कम से कम 70 लाख बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं. राष्ट्रीय स्तर पर इस संख्या की बात करें तो यह 2.6 करोड़ है. हमारे पास कुल 48,000 स्कूल मौजूद हैं, लेकिन एक नई रिपोर्ट कहती है कि इनमें से 11,000 स्कूलों में बच्चे नहीं जाते हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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