ट्रंप के 'फेवरेट' पाकिस्तानी आर्मी चीफ मुनीर बने सिरदर्द, ईरान से गहरी दोस्ती ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन

Published by :Govind Jee
Published at :19 Apr 2026 7:36 AM (IST)
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Pakistan Army Chief Asim Munir iran trump red flag

विवादों के घेरे में पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर.

Asim Munir: पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के ईरानी सेना के साथ गुप्त संबंधों ने व्हाइट हाउस में तनाव पैदा कर दिया है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुनीर का दोहरा खेल ट्रंप प्रशासन की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है, जिससे अमेरिका और पाकिस्तान के बीच तनाव गहराने के संकेत हैं.

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Asim Munir: फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा खतरा बताया है. रिपोर्ट में मुनीर को ट्रंप प्रशासन के लिए एक ‘खतरा’ (रेड फ्लैग) बताया गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह मुनीर के ईरानी मिलिट्री लीडर्स के साथ पुराने और गहरे रिश्ते हैं. रिटायर्ड पाकिस्तानी जनरल अहमद सईद ने फॉक्स न्यूज डिजिटल को बताया कि मुनीर के संबंध ईरान के मारे गए कुद्स फोर्स कमांडर कासिम सुलेमानी और IRGC कमांडर हुसैन सलामी जैसे बड़े अधिकारियों से रहे हैं.

ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज (FDD) के बिल रोगियो ने फॉक्स न्यूज डिजिटल से बातचीत में चेतावनी दी है कि ट्रंप को पाकिस्तानियों पर भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्होंने अफगानिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान एक ‘धोखेबाज साथी’ रहा है, जिसने अमेरिकी मदद भी ली और तालिबान का साथ भी दिया. जानकारों का कहना है कि मुनीर के ईरान के साथ ये संबंध अमेरिका की सुरक्षा के लिए बड़ा रिस्क हो सकते हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच ‘बिचौलिए’ की भूमिका

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ इंटेलिजेंस मुनीर पर शक कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वे अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त बातचीत कराने वाले अहम मीडिएटर बने हुए हैं. फॉक्स न्यूज के अनुसार, मुनीर इस समय ट्रंप प्रशासन (खासकर जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ) और तेहरान के बीच बैक-चैनल बातचीत संभाल रहे हैं. ट्रंप ने मुनीर को अपना ‘फेवरेट फील्ड मार्शल’ तक कहा है और मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संकट के समय तनाव कम करने के लिए उनकी तारीफ भी की थी.

लोकतंत्र पर हावी होती पाकिस्तानी सेना

पाकिस्तानी एनालिस्ट रजा रूमी के अनुसार, मुनीर के दौर में पाकिस्तान में चुनी हुई सरकार की जगह सेना पूरी तरह हावी हो गई है. फॉक्स न्यूज ने बताया कि मुनीर के आर्मी चीफ बनने के बाद से विपक्ष पर शिकंजा कसा गया है और इमरान खान जैसे नेताओं को किनारे कर दिया गया है. नवंबर 2024 के मारगल्ला डायलॉग में मुनीर ने ‘बोलने की आजादी’ पर लगाम लगाने की बात कही थी, जिसे उनकी तानाशाही सोच का संकेत माना जा रहा है.

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ट्रंप की पसंद और इंटेलिजेंस के बीच खींचतान

फिलहाल ट्रंप प्रशासन के अंदर इस बात को लेकर बहस छिड़ी है. एक तरफ ट्रंप को मुनीर जैसे ‘पावरफुल लीडर’ के साथ काम करना पसंद है, तो दूसरी तरफ इंटेलिजेंस उन्हें संदिग्ध मानती है. हाल ही में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान में चल रही बातचीत को बीच में छोड़कर बाहर आ गए थे, क्योंकि ईरान परमाणु वादों पर राजी नहीं था. ऐसे में मुनीर का ईरान प्रेम और ट्रंप का उन पर भरोसा, दोनों देशों के रिश्तों को उलझा सकता है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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