चेन्नई के लिए एक और बुरी खबर, आयुष म्हात्रे का हैमस्ट्रिंग टियर हुआ; अगले कई मैचों में खेलना संदिग्ध

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 19 Apr 2026 12:59 PM

विज्ञापन

आयुष म्हात्रे चोटिल

CSK vs SRH 2026 : चेन्नई सुपर किंग्स की टीम अपने छठे मैच में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम से 10 रन से हार गई. इस हार के बाद चेन्नई की टीम अपने छह मैच में से 4 में हार चुकी है और मात्र दो में उसे जीत मिली है. इस कठिन परिस्थिति में उसके इनफाॅर्म बैटर आयुष म्हात्रे का चोटिल होना टीम के लिए बड़ा नुकसान है.

विज्ञापन

CSK vs SRH 2026 : आईपीएल का खिताब 5 बार जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग्स की हालत 19वें सीजन में बहुत खराब चल रही है. महेंद्र सिंह धोनी की अनुपस्थिति में टीम अपना प्रदर्शन सुधार नहीं पा रही है और लगातार हार रही है. ऐसे में टीम के लिए उम्मीद की किरण बने बैटर आयुष म्हात्रे का चोटिल होना टीम के लिए बहुत बड़ा झटका है.

आयुष म्हात्रे का चोट गंभीर

भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताने वाले कप्तान आयुष म्हात्रे शनिवार को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में चोटिल हो गए. सीएसके के बैटिंग कोच माइकल हसी ने उनकी चोट पर बात किया और बताया कि उनका हैमस्ट्रिंग टियर हो गया, जिसकी वजह से वे अभी काफी समय तक टीम से बाहर रहने वाले हैं. हालांकि माइकल हसी ने यह कन्फर्म नहीं किया कि म्हात्रे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं या नहीं. हां, यह बात तो कंफर्म है कि वे अभी अगले कई मैच में टीम को मिस करेंगे.माइकल हसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह हैमस्ट्रिंग टियर है. अभी बताना मुश्किल है कि यह कितना बुरा है. हम शायद कल या अगले दिन उसका स्कैन करेंगे. मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन हां, यह काफी बुरा लग रहा है. यह टीम का दुर्भाग्य है क्योंकि म्हात्रे अभी अच्छा खेल रहे थे.

रन लेने के दौरान हैमस्ट्रिंग टियर हुआ

हैदराबाद के साथ खेलते हुए चेन्नई के बैटर आयुष म्हात्रे जब पांचवें ओवर की दूसरी गेंद पर दूसरा रन लेने के लिए दौड़े, तो नॉन-स्ट्राइकर एंड के पास उनकी स्पीड धीमी हो गई. बावजूद इसके उन्होंने रन पूरा, लेकिन उनके फिजियो तुरंत दौड़कर ग्राउंड पर आए.कुछ देर में आयुष ने फिर बैटिंग का फैसला किया, लेकिन उनकी चोट ने उन्हें टिकने नहीं दिया और उनका विकेट गिर गया. आउट होने के बाद उन्हें फिजियो मैदान से बाहर लेकर गए, उन्हें चलने में काफी दिक्कत हो रही थी.

ये भी पढ़ें : IPL 2026 : CSK पर जीत के बाद ईशान का बयान- यंग बॉलर्स कमाल के, हमें और बेहतर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola