पश्चिम चंपारण के बगहा में खांसी की दवा समझकर पी लिया कीटनाशक, दो मासूमों के सिर से उठ गया मां का साया

Published by :Pratyush Prashant
Published at :19 Apr 2026 12:23 PM (IST)
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Bihar news April 2026

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार के बगहा में एक महिला ने खांसी की दवा समझकर गलती से कीटनाशक पी लिया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है.

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Bihar News: पश्चिम चंपारण के बगहा में एक मां ने जो मामूली सर्दी-खांसी से परेशान थी, उसने राहत पाने के लिए बोतल उठाई, लेकिन उसे क्या पता था कि वह दवा नहीं बल्कि कीटनाशक है.

मामूली सी गलतफहमी ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया, बल्कि दो मासूम बच्चों को उम्र भर का गम दे दिया.

एक घूंट और जिंदगी खत्म

बगहा नगर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 16 स्थित पारस नगर मोहल्ले में शनिवार की दोपहर सन्नाटा पसरा था. दयानंद सहनी की 25 वर्षीय पत्नी बबीता देवी पिछले कुछ दिनों से खांसी से बेहाल थीं. दोपहर करीब 3 बजे जब उन्हें तेज खांसी का दौरा पड़ा, तो उन्होंने जल्दबाजी में पास रखी एक बोतल से दवा पी ली.

बदकिस्मती से वह खांसी का सिरप नहीं, बल्कि सब्जियों पर छिड़काव के लिए रखा गया जहरीला कीटनाशक था. दवा और जहर का एक ही जगह रखा होना बबीता के लिए जानलेवा साबित हुआ.

अस्पताल की भागदौड़

जहर शरीर में फैलते ही बबीता की बेचैनी बढ़ने लगी. उस वक्त घर के बड़े सदस्य गंडक दियारा में खेती के काम से बाहर गए थे. सूचना मिलते ही परिजन घर पहुंचे और उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल ले गए. वहां करीब पांच घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच जंग चलती रही. रात साढ़े नौ बजे जब हालत बिगड़ने लगी, तो उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल रेफर किया गया. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर पुष्पराज ने इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक जहर अपना काम कर चुका था और बबीता ने दम तोड़ दिया.

इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि जब बबीता अपनी जिंदगी की आखिरी घड़ियां गिन रही थीं, उनके दोनों बच्चे—12 वर्षीय आशीष और 8 वर्षीय प्रिया—कोचिंग में पढ़ाई कर रहे थे. घर लौटने पर उन्हें मां की ममता के बजाय उनकी मौत की खबर मिली. बबीता की शादी 2011 में बेतिया के झाखरा बांसवारिया में हुई थी. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर पूरे मोहल्ले की आंखें नम हो गईं. नगर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन कर रही है.

घर में जहर और दवा को रखें अलग

यह दर्दनाक हादसा हर उस परिवार के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जो घर में कीटनाशक या अन्य जहरीले पदार्थ रखते हैं. अक्सर लोग चूहा मारने की दवा या खेती का जहर रसोई या दवाइयों के पास रख देते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकता है.

जानकारों का कहना है कि दवाइयों और रसायनों को हमेशा ऊंचे स्थानों पर और अलग-अलग बक्सों में लेबल लगाकर रखना चाहिए, ताकि अंधेरे या जल्दबाजी में बबीता जैसी गलती दोबारा न हो.(इनपुट-चंद्रप्रकाश आर्य)

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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