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किम जोंग उन ने चला बड़ा दांव! बेटी किम जू ए को सत्ता का उत्तराधिकारी बनाने की तैयारी? नए साल पर दिखा बड़ा संकेत

North Korea Succession: नॉर्थ कोरिया में सत्ता परिवर्तन को लेकर नई चर्चा तेज है. नए साल पर किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ए को देश की सबसे पवित्र जगह कुमसुसान पैलेस लेकर पहुंचे. बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी और विशेषज्ञों की राय से सवाल उठ रहा है कि क्या किम जू ए नॉर्थ कोरिया की अगली शासक होंगी?

North Korea Succession: नॉर्थ कोरिया जैसे बंद और रहस्यमय देश में जब कुछ भी सार्वजनिक होता है, तो उसके मायने निकाले जाते हैं. नए साल के दिन ऐसा ही एक दृश्य सामने आया, जिसने दुनिया भर के जानकारों का ध्यान खींच लिया. नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अपनी पत्नी री सोल जू और बेटी किम जू ए के साथ एक बेहद खास जगह पर नजर आए. यह वही जगह है, जहां देश के संस्थापक किम इल सुंग और उनके बेटे किम जोंग इल को श्रद्धांजलि दी जाती है. इसी दौरे के बाद यह सवाल फिर से उठने लगा है कि क्या किम जोंग उन अपनी बेटी को सत्ता के लिए तैयार कर रहे हैं.

North Korea Succession in Hindi: कुमसुसान पैलेस में पहली मौजूदगी

राज्य मीडिया एजेंसी KCNA द्वारा जारी तस्वीरों में दिखा कि 1 जनवरी 2026 को किम जोंग उन अपनी पत्नी और बेटी के साथ प्योंगयांग स्थित कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन पहुंचे. यह वही स्थान है, जहां किम परिवार के दिवंगत नेताओं के शव सुरक्षित रखे गए हैं. तस्वीरों में किम जू ए अपने माता-पिता के बीच खड़ी नजर आईं और उन्होंने झुककर श्रद्धांजलि दी. यह उनकी पहली सार्वजनिक मौजूदगी थी इस पवित्र स्थल पर.

क्यों अहम मानी जा रही है यह यात्रा

दक्षिण कोरिया के थिंक टैंक सेजोंग इंस्टीट्यूट के उपाध्यक्ष चियोंग सोंग-चांग के अनुसार, कुमसुसान पैलेस नॉर्थ कोरिया की सत्ता और विरासत का सबसे बड़ा प्रतीक है. उनका कहना है कि किम जोंग उन ने यह कदम सोच-समझकर उठाया है. चियोंग के मुताबिक, यह दौरा आगामी वर्कर्स पार्टी कांग्रेस से पहले एक संकेत हो सकता है, जहां किम जू ए की भूमिका को औपचारिक रूप दिया जा सकता है. (North Korea Succession Kim Jong Un Daughter Kim Ju Ae in Hindi)

तीन साल से लगातार दिख रही हैं किम जू ए

किम जू ए पहली बार नवंबर 2022 में नॉर्थ कोरिया की सरकारी मीडिया में नजर आई थीं. इसके बाद से वह कई अहम मौकों पर अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं. इनमें मिसाइल परीक्षण, सैन्य परेड और बड़े सरकारी कार्यक्रम शामिल हैं. बीते तीन सालों में उनकी मौजूदगी लगातार बढ़ी है, जिससे उत्तराधिकार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. सितंबर 2025 में किम जू ए अपने पिता के साथ बीजिंग गई थीं. यह उनकी पहली सार्वजनिक विदेशी यात्रा थी. जानकारों के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया में किसी बच्चे को इतनी कम उम्र में विदेश ले जाना असामान्य माना जाता है. इसी वजह से इस यात्रा को भविष्य की राजनीतिक तैयारी के तौर पर देखा गया.

‘स्थिर परिवार’ की छवि बनाने की कोशिश

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के विशेषज्ञ होंग मिन का कहना है कि नॉर्थ कोरिया अपने नेता की एक स्थिर पारिवारिक छवि दिखाना चाहता है. उनके अनुसार, बड़े कार्यक्रमों में पत्नी और बेटी को साथ दिखाकर यह संदेश दिया जा रहा है कि सत्ता मजबूत और सुरक्षित हाथों में है. नॉर्थ कोरिया ने आज तक किम जू ए की उम्र की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. हालांकि माना जाता है कि उनका जन्म 2010 के शुरुआती वर्षों में हुआ था और वह करीब 13 साल की हैं. इसी वजह से कई विशेषज्ञ मानते हैं कि उन्हें अभी उत्तराधिकारी घोषित करना जल्दबाजी होगी.

क्या पार्टी में बड़ा पद मिल सकता है?

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस में किम जोंग उन अपनी बेटी को पार्टी का पहला सचिव जैसे बड़े पद पर नियुक्त कर सकते हैं. हालांकि, अन्य विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं. होंग मिन के मुताबिक, इतनी कम उम्र में, बिना पार्टी सदस्य बने, किसी को सार्वजनिक रूप से उत्तराधिकारी बनाना व्यावहारिक नहीं है. कई जानकारों का कहना है कि नॉर्थ कोरिया की सत्ता व्यवस्था अब भी पुरुषों के हाथ में है. सेना और पार्टी के ऊंचे पदों पर पुरुषों का दबदबा है. ऐसे में एक कम उम्र की लड़की का सत्ता के शीर्ष पर पहुंचना आसान नहीं होगा.

पार्टी कांग्रेस पर टिकी हैं नजरें

नॉर्थ कोरिया में पिछले पांच सालों से पार्टी कांग्रेस नहीं हुई है. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के अनुसार, यह कांग्रेस जनवरी या फरवरी 2026 में हो सकती है. इसी बैठक में नई नीतियों के साथ-साथ बड़े राजनीतिक फैसले लिए जाने की उम्मीद है. अभी यह साफ नहीं है कि किम जू ए ही नॉर्थ कोरिया की अगली शासक होंगी या नहीं. लेकिन इतना तय है कि उनकी मौजूदगी और भूमिका धीरे-धीरे बढ़ रही है. सत्ता के प्रतीकों के साथ उनका दिखना यह संकेत जरूर देता है कि भविष्य के लिए उन्हें खास जगह पर रखा जा रहा है.

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Govind Jee
Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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