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सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री, शपथ ग्रहण के साथ तय की चुनाव की तारीख

Updated at : 12 Sep 2025 10:21 PM (IST)
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Nepal Interim Government

Nepal Interim Government: सुशीला कार्की बनीं नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री

Nepal Interim Government: पूर्व प्रधान न्यायाधीश सुशीला कार्की ने शुक्रवार को नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. वह अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ ही नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता समाप्त हो सकती है क्योंकि कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के चलते मंगलवार को के पी शर्मा ओली को अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति कार्यालय में कार्की को पद की शपथ दिलाई.

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Nepal Interim Government: सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. नेपाल के इतिहास में पहली बार कोई महिला प्रधानमंत्री बनी हैं. नेपाल में शुक्रवार (12 सितंबर) को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई. शपथ ग्रहण समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधान न्यायाधीश, सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल समेत कई और लोग मौजूद थे. नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने शपथ ग्रहण के बाद आम चुनाव की तारीख का प्रस्ताव रखा है. अंतरिम सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 4 मार्च को आम चुनाव कराने की सिफारिश की.

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने दिलाई शपथ

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने राष्ट्रपति कार्यालय में सशीला कार्की को पद की शपथ दिलाई. इस अवसर पर राष्ट्रपति पौडेल और नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री के अलावा, उपराष्ट्रपति राम सहाय यादव और प्रधान न्यायाधीश प्रकाश मान सिंह रावत भी उपस्थित थे. राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि नई कार्यवाहक सरकार को छह महीने के भीतर नए संसदीय चुनाव कराने का दायित्व सौंपा गया है. इससे पहले राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, नेपाल के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और जेन जेड के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक के बाद कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना गया.

छोटे मंत्रिमंडल का होगा गठन

सूत्रों के मुताबिक शपथ ग्रहण के बाद कार्की एक छोटा मंत्रिमंडल गठित करेंगी और मंत्रिमंडल की पहली बैठक में विभिन्न हितधारकों के बीच बनी सहमति के अनुसार राष्ट्रपति को संसद भंग करने की सिफारिश कर सकती हैं. राष्ट्रपति पौडेल ने कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त करने का फैसला लेने से पहले प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं, कानूनी विशेषज्ञों और नागरिक समाज के सम्मानित व्यक्तियों से भी अलग-अलग विचार-विमर्श किया.

कानून-व्यवस्था की बहाली सबसे बड़ी चुनौती

बीते रविवार से बड़े पैमाने पर जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद कार्की के सामने नेपाल में कानून-व्यवस्था बहाल करने की चुनौती है. क्योंकि, कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंधों के खिलाफ युवाओं के हिंसक प्रदर्शन के चलते मंगलवार को के पी शर्मा ओली को अचानक प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. पूरे देश में काफी हिंसक प्रदर्शन हुए थे. वहीं, उम्मीद की जा रही है कि अंतरिम सरकार के गठन के बाद नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता खत्म हो सकती है.

विरोध प्रदर्शन के कारण ओली ने दिया था इस्तीफा

इससे पहले जेन जेड समूह की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में भ्रष्टाचार पर अंकुश, पक्षपात को समाप्त करना और सोशल मीडिया साइटों पर प्रतिबंध हटाना शामिल था. नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध के खिलाफ हाल में हुए जेन जेड प्रदर्शन में एक भारतीय नागरिक सहित कम से कम 51 लोगों की मौत हुई है. (इनपुट- भाषा)

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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