नेपाल में बड़ा उलटफेर: बालेन शाह के PM बनते ही पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

Updated at : 28 Mar 2026 7:42 AM (IST)
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Nepal Ex PM KP Oli Arrested

तस्वीर में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली.

Nepal Ex PM KP Oli Arrested: नेपाल की राजनीति में शनिवार सुबह जबरदस्त हलचल देखने को मिली. नए प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ लेने के ठीक अगले दिन पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह कार्रवाई साल 2025 में हुए 'जेन-जी' (Gen Z) आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और दमन के आरोपों में की गई है.

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Nepal Ex PM KP Oli Arrested: काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने केपी शर्मा ओली को शनिवार सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके निवास से हिरासत में लिया. वहीं, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को सूर्यविनायक स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया. काठमांडू घाटी पुलिस के प्रवक्ता ओम अधिकारी ने एएफपी को बताया कि गृह मंत्रालय की औपचारिक शिकायत और वारंट जारी होने के बाद यह एक्शन लिया गया है. अब कानून के मुताबिक आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

गौरी बहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट ने ठहराया दोषी

इन गिरफ्तारियों का मुख्य आधार गौरी बहादुर कार्की के नेतृत्व वाले जांच आयोग की रिपोर्ट है. इस रिपोर्ट में ओली और लेखक को भदौ 23 और 24 (सितंबर 2025) के दौरान युवाओं के ‘जेन-जी’ आंदोलन को बेरहमी से कुचलने का दोषी पाया गया है. बालेन्द्र शाह की नई सरकार ने सत्ता संभालते ही इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने का फैसला किया, जिसके तुरंत बाद यह गिरफ्तारियां हुईं.

क्यों भड़का था जेन-जी (Gen Z) आंदोलन?

नेपाल में सितंबर 2025 में युवाओं का गुस्सा तब फूट पड़ा था जब ओली सरकार ने यूट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर देशव्यापी बैन लगा दिया था. इसके अलावा युवा 20.6% की हाई बेरोजगारी दर, भ्रष्टाचार और #NepoBaby ट्रेंड के जरिए दिख रहे अमीर-गरीब के अंतर से नाराज थे. इस आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में कुल 77 लोगों की जान गई थी और अरबों रुपये की सरकारी व निजी संपत्ति का नुकसान हुआ था.

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बालेन शाह की जीत और युवाओं का साथ

इसी आंदोलन के दबाव के कारण मार्च 2026 में समय से पहले (Snap Elections) चुनाव हुए. बालेन्द्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी वादों के दम पर बहुमत हासिल किया. इस चुनाव में 9,15,000 नए वोटर्स जुड़े थे, जिनकी औसत उम्र 25 साल थी. युवाओं के इसी भारी समर्थन ने बालेन शाह को सत्ता तक पहुंचाया और अब उनकी सरकार पुराने मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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