Myanmar Crisis : म्यांमार के सैन्य नेता ने खुद को प्रधानमंत्री किया घोषित, चुनाव को लेकर कही ये बड़ी बात

Yangon : Demostrators hurl back tear gas canisters towards police during a protest against the military coup Saturday, March 27, 2021, in Mandalay, Myanmar. Myanmar security forces reportedly killed 93 people Saturday in the deadliest day since last monthÄôs military coup. AP/PTI(AP03_27_2021_000206B)
Myanmar Crisis : म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद खूनी संघर्ष का दौर खत्म नहीं हुआ है. जी हां...म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग हलिंग ने खुद को देश का प्रधानमंत्री घोषित किया है. Myanmar military leader, Min Aung Hlaing, prime minister, Aung San Suu Kyi, Myanmar
Myanmar Crisis : म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद खूनी संघर्ष का दौर खत्म नहीं हुआ है. जी हां…म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग हलिंग ने खुद को देश का प्रधानमंत्री घोषित किया है. रविवार को एक टेलिविजन पर जनरल मिन आंग हलिंग ने संदेश दिया और कहा कि वो दो साल के भीतर 2023 तक देश में चुनाव कराए जाने के प्लान पर काम कर रहे हैं. इस दौरान संकट के राजनीतिक समाधान के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ सहयोग करने का काम करेंगे.
आगे मिन आंग हलिंग ने यह भी कहा कि हमें स्वतंत्र और निष्पक्ष बहुदलीय चुनाव कराने के लिए स्थितियां बनाने की जरूरत है. हमें इसकी तैयारी करनी होगी. बहुदलीय चुनाव कराने का मैं वादा करता हूं…इस अवधि के दौरान चुनाव की तैयारी करनी होगी.
यहां चर्चा कर दें कि मिन आंग हलिंग की घोषणा म्यांमार की लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को सैन्य तख्तापलट में उखाड़ फेंकने के छह महीने बाद सामने आई है. पूरे देश में सैन्य शासन के विरोध में आवाजें लगातार उठती नजर आ रही है. म्यांमार की सेना ने फरवरी में अपनी लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकार को हटाया था.
यदि आपको याद हो तो सैन्य तख्तापलट करते हुए यह दावा किया गया था कि चुनाव धोखाधड़ी से संपन्न कराया गया था. म्यांमार की अपदस्थ नेता आंग सान सू की की पार्टी ने चुनाव में जीत दर्ज की थी. उनको गिरफ्तार कर लिया गया. उसके बाद से अवैध रूप से वॉकी-टॉकी रेडियो रखने और कोरोना नियमों का उल्लंघन करने सहित कई अपराधों का उनपर आरोप लगाने का काम किया गया.
Also Read: Afghanistan: तालिबान ने 100 अफगानी लोगों की हत्या की, घरों पर हमला तेज
म्यांमार की जेल में सेना के खिलाफ कैदियों का प्रदर्शन: पिछले दिनों म्यांमार की सबसे कुख्यात जेल में बंद कैदियों ने सत्तारूढ़ सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया था. सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में कैदी लोकप्रिय देशभक्तिपूर्ण गाने गा कर और राजनीतिक नारेबाजी कर सत्तारूढ़ सैन्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे थे. यंगून की इनसीन जेल में बंद कैदी एक वीडियो में निर्वासित नेता आंग सान सू की और अपदस्थ राष्ट्रपति विन मियंत के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नजर आये.
म्यांमार के चिन प्रांत के मुख्यमंत्री सहित कई नागरिकों ने मिजोरम मे शरण ली : म्यामांर में फरवरी के सैन्य तख्तापलट के बाद वहां के चिन प्रांत के मुख्यमंत्री सलाई लियान लुआइ समेत 9,247 लोगों ने मिजोरम में शरण ली है. असम राइफल्स के सूत्रों के हवाले से पीटीआई ने खबर दी थी कि कई मौकों पर म्यांमार के नागरिकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने का प्रयास किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार उनमें कई को वापस भेज दिया जाता है. वे कई अन्य मार्गों से घुसे.
Posted By : Amitabh Kumar
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




