Jaishankar International Hypocrisy: दुनिया की राजनीति में एक अजीब आदत है. कुछ देश खुद आग में खड़े रहते हैं, लेकिन दूसरों को धुआं दिखने पर उपदेश देने लगते हैं. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी आदत पर खुलकर बात की है. लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय के सामने उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति की उस सच्चाई को बेनकाब किया, जिसे अक्सर सभ्य भाषा में ढक दिया जाता है. बात थी दोहरी सोच, मुफ्त की सलाह और अपने फायदे की राजनीति की.
Jaishankar International Hypocrisy: दूर बैठकर चिंता जताने वालों पर जयशंकर का तंज
लक्जमबर्ग में भारतीय समुदाय से बातचीत करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं, जो हजारों मील दूर बैठकर भारत जैसे देशों को समझाने लगते हैं. जैसे ही कहीं तनाव की बात आती है, वे चिंता जताने लगते हैं. लेकिन अपने ही इलाके में मौजूद खतरों, हिंसा और जोखिमों पर नजर डालने से बचते हैं. जयशंकर ने कहा कि यही अंतरराष्ट्रीय राजनीति की असली तस्वीर है.
Jaishankar International Hypocrisy in Hindi: ऑपरेशन सिंदूर और पश्चिमी देशों की दोहरी सोच
जयशंकर ने मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि उस दौरान भी कई देशों ने भारत को सलाह दी थी कि उसे कैसे आचरण करना चाहिए. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर किसी को सच में चिंता है, तो उसे पहले अपने इलाके की तरफ देखना चाहिए कि वहां हिंसा का स्तर क्या है, कितने बड़े जोखिम लिए जा रहे हैं और बाकी दुनिया इस पर कितनी चिंतित है. उनके मुताबिक, दुनिया का स्वभाव यही है कि लोग जो कहते हैं, वही करते नहीं हैं.
#BREAKING: India’s External Affairs Minister Dr. S. Jaishankar: In this day & age, countries only do things that directly benefit them. But they want to offer us free advice. This happened during #OperationSindoor with countries saying they were worried that there is tension. Oh… pic.twitter.com/nXnQqjc3i4
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 7, 2026
दुनिया वही करती है, जिससे उसे फायदा हो
विदेश मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आज के दौर में देश वही करते हैं, जिससे उन्हें सीधा फायदा होता है. नैतिकता और उपदेश बाद में आते हैं. पहले अपने हित देखे जाते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे देश दूसरों को मुफ्त की सलाह जरूर देंगे. अगर कुछ होता है, तो कहेंगे तनाव मत बढ़ाइए, हमें चिंता हो रही है. लेकिन असल में वे खुद क्या कर रहे हैं, इस पर कोई बात नहीं होती. (Jaishankar International Hypocrisy Western Double Standards in Hindi)
पाकिस्तान जैसी हरकतों पर अलग नजरिया
जयशंकर ने यह भी साफ किया कि भारत सबके साथ एक जैसा व्यवहार नहीं करता. उन्होंने कहा कि जो देश सहयोग के लिए तैयार हैं, सकारात्मक सोच रखते हैं और साथ काम करना चाहते हैं, भारत उनके साथ उसी भावना से पेश आता है. लेकिन जो देश पाकिस्तान जैसी हरकतें करते हैं, उनके साथ भारत का रवैया अलग होता है. यह बयान भारत की बदली हुई कूटनीतिक सोच को दिखाता है.
लक्जमबर्ग में प्रवासी भारतीयों से संवाद
लक्जमबर्ग दौरे के दौरान जयशंकर ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की. बातचीत राजनीति, व्यापार और तकनीक जैसे विषयों तक फैली रही. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि लक्जमबर्ग के साथ भारत की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. साथ ही उन्होंने भारत-लक्जमबर्ग रिश्तों को आगे बढ़ाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की.
वेनेजुएला की स्थिति पर भारत की चिंता
वेनेजुएला में हाल ही में हुई घटनाओं को लेकर भारत ने गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ किया कि भारत की सबसे बड़ी चिंता वहां की आम जनता की सुरक्षा और भलाई को लेकर है. अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी और उन्हें अमेरिका ले जाने की खबरों पर भारत ने सतर्क रुख अपनाया है. लक्जमबर्ग के विदेश मंत्री जेवियर बेटल से मुलाकात के बाद एस जयशंकर ने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहा है. उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे बातचीत के जरिए समाधान निकालें, ताकि वेनेजुएला के लोगों को किसी तरह का नुकसान न हो. भारत चाहता है कि यह संकट जल्द खत्म हो और वहां शांति बहाल हो.
वेनेजुएला भारत का पुराना और भरोसेमंद साझेदार
जयशंकर ने यह भी कहा कि वेनेजुएला भारत का लंबे समय से भरोसेमंद साझेदार देश रहा है. दोनों देशों के बीच दशकों पुराने रिश्ते हैं, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में. भारत हमेशा वेनेजुएला के साथ सहयोग और संवाद के पक्ष में रहा है. भारत और वेनेजुएला के संबंध खास तौर पर तेल व्यापार से जुड़े रहे हैं. वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देशों में शामिल है और भारत लंबे समय तक वहां से कच्चा तेल आयात करता रहा है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते व्यापार जरूर प्रभावित हुआ, लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संपर्क अब भी बने हुए हैं. भारत सरकार ने वेनेजुएला में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी की है. सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर मदद के लिए तैयार है.
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