खामेनेई पर हमला हुआ तो वॉर पक्की, ट्रंप के बयान पर ईरान की अमेरिका को चेतावनी

खामेनेई पर हमले की धमकी पर ईरान का सख्त रुख
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खामेनेई पर हमले को वॉर की घोषणा बताया है. ट्रंप के बयानों के बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए, इंटरनेट बंद कर दिया गया, और सैन्य कार्रवाई का डर बढ़ गया. हजारों लोगों की मौत और गिरफ्तारियों की खबरें आई हैं और स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका को साफ शब्दों में चेताया है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई पर हमला हुआ, तो इसे सीधे तौर पर वॉर की घोषणा माना जाएगा. यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों से तनाव काफी बढ़ गया है.
रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए पेजेशकियान ने कहा कि हमारे देश के महान नेता पर हमला पूरे ईरानी राष्ट्र पर हमला है. उन्होंने साफ कर दिया कि खामेनेई को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.
प्रदर्शनों के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार
ईरानी राष्ट्रपति ने देश में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार बताया. उनका कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने ईरान की ईकोनॉमी को कमजोर किया है. इसी वजह से लोगों को महंगाई, बेरोजगारी और दूसरी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यह बयानबाजी ट्रंप के उस इंटरव्यू के बाद तेज हुई, जो उन्होंने Politico को दिया था. इसमें ट्रंप ने खामेनेई के करीब 40 साल के रूल को खत्म करने की बात कही. उन्होंने खामेनेई को बीमार इंसान कहा और आरोप लगाया कि वह अपने ही लोगों को मरवा रहे हैं.
28 दिसंबर से शुरू हुआ विरोध
ईरान में 28 दिसंबर से महंगाई, कमजोर करेंसी और खराब इकोनॉमिक कंडीशन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे. शुरुआत में लोग सिर्फ रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने से नाराज थे, लेकिन बाद में प्रदर्शन सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गए. प्रदर्शन बढ़ने के बाद 8 जनवरी को ईरानी सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दीं. इससे देश के हालात की सही जानकारी बाहर तक पहुंचना मुश्किल हो गया.
पिछले मंगलवार को ट्रंप ने ईरानियों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि अपने इंस्टीट्यूशन पर कब्जा करो, मदद रास्ते में है. इसके बाद खबरें आईं कि अमेरिका ईरान पर हमला करने के बेहद करीब पहुंच गया था.
आखिरी पल में टला हमला
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने बुधवार को हमले की तैयारी कर ली थी, लेकिन आखिरी वक्त पर फैसला बदल दिया गया. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को चेताया कि ईरान के जवाबी हमले के लिए इजराइल तैयार नहीं है. वहीं सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी हालात बिगड़ने का हवाला देकर संयम बरतने को कहा. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान सरकार ने सैकड़ों कैदियों की फांसी रोक दी है.
इनमें 26 साल का प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी भी शामिल है. उसके परिवार ने बताया कि वह जिंदा है, लेकिन उसे प्रताड़ित किया गया और इलाज नहीं मिला. रॉयटर्स के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि अब तक करीब 5,000 लोग मारे जा चुके हैं. इनमें लगभग 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि 24,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
खामेनेई ने भी तोड़ी चुप्पी
पिछले हफ्ते खामेनेई ने पहली बार माना कि हजारों लोगों की मौत हुई है. उन्होंने हिंसा के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया और ट्रंप को अपराधी कहा. साथ ही प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही. रविवार को इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के अनुसार, ईरान में कुछ ऑनलाइन सेवाएं आंशिक रूप से बहाल कर दी गई हैं. हालांकि सड़कों पर शांति है, लेकिन कई शहरों में लोग रात के समय घरों से खामेनेई विरोधी नारे लगा रहे हैं.
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लेखक के बारे में
By Govind Jee
गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.
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