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ईरान के हमले में मारे गए सैकड़ों US सैनिक, IRGC का दावा, मिडिल ईस्ट में 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर किया था हमला

Updated at : 01 Mar 2026 8:31 AM (IST)
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Iran targets 14 US bases killing hundreds of American soldiers claims IRGC US Denies.

सैन्य अभ्यास के अमेरिकी सेंट्रल कमांड के सैनिक. फोटो- एक्स.

Iran attacked US Base: इजरायल और अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने यूएस बेसेज को निशाना बनाया है. ईरानी IRGC का दावा है कि उसने 14 सैन्य अड्डों पर हमला किया, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. हालांकि, अमेरिका ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है.

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Iran attacked US Base: ईरान और यूएस-इजरायल के बीच छिड़ी जंग में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. ईरान पर शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया, जिसमें 200 से ज्यादा ईरानी लोगों की मौतें हुईं. इनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नसीरजादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपूर समेत आईआरजीसी के कई कमांडर और एक स्कूल में कई लड़कियां मारी गईं. इस हमले के जवाब ईरान ने मिडिल ईस्ट के अमेरिकी बेसेज पर ताबड़तोड़ मिसाइलें बरसाईं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कई अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. 

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र के कई देशों में स्थित संयुक्त राज्य अमेरिका के 14 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. उसका कहना है कि इन हमलों में सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. ईरान ने 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के प्रीएम्प्टिव हमलों के जवाब में मिसाइल और ड्रोन हमले किए. उसने मिडिल ईस्ट में UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, सऊदी अरब के अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है. हालांकि, वॉशिंगटन ने इन दावों को खारिज कर दिया है. 

अमेरिका का दावा सभी सुरक्षित

यूएसए टुडे की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सेना ने कुछ घंटों बाद घोषणा की कि 28 फरवरी को अमेरिका–इजरायल के मिसाइल हमलों के जवाब में ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर किए गए हमलों की लहर में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी की न तो मौत हुई और न ही वे घायल हुए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स के अनुसार किसी भी दिन इस क्षेत्र में 30,000 से 40,000 के बीच अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं. सेंट्रल कमांड ने 28 फरवरी को अपने बयान में कहा कि सेना ने सैकड़ों ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के खिलाफ सफलतापूर्वक रक्षा की. अमेरिकी हताहतों या युद्ध से जुड़ी चोटों की कोई रिपोर्ट नहीं है. बयान में यह भी कहा गया कि “अमेरिकी प्रतिष्ठानों को हुआ नुकसान मामूली था और इससे संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा.”

ईरान ने कहां-कहां हमला किया?

यूएसए टुडे के अनुसार, ईरान ने U.S. Navy’s 5th Fleet के लिए एक सेवा केंद्र पर हमला किया. यह पहला हमला था, जिसका मुख्यालय बहरीन में है. इस पर मिसाइलों से हमला किया गया. इसका वीडियो भी सामने आया, जिसमें नौसैनिक अड्डे के पास मिसाइल गिरता दिखा, जिसके बाद धुएं का घना गुबार उठा. कतर के अल उदैद एयर बेस, जो US Central Command का मुख्यालय है, इसके ऊपर एक मिसाइल को मार गिराते हुए भी दिखा. कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अड्डे की ओर दागी गई मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया. 

वहीं, कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अली अल सलेम एयर बेस, जहां 386वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग तैनात है, इस पर हमले के बाद गिरते शरापनेल से कुवैत की सशस्त्र सेनाओं के तीन सदस्यों को मामूली चोटें आईं. इराक सरकार ने भी अपने बयान में कहा कि एरबिल अमेरिकी हवाई अड्डा पर भी मिसाइलें गिरीं. संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी के दक्षिण में स्थित अमेरिकी एयर बेस वाले इलाके अल दाफरा में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. इसके अलावा जॉर्डन के मुवफ्फक अल सालती एयर बेस, जहां 332वीं एयर एक्सपीडिशनरी विंग तैनात है, यहां भी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया.

हमलों में खामेनेई की मौत

शनिवार को यूएस-इजरायल के हमले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यह दावा किया गया कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए. कुछ घंटों बाद ईरानी मीडिया ने भी अयातुल्ला की मौत की पुष्टि कर दी. खामेनेई के साथ उनकी बेटी, पोते/पोती, बहू और दामाद भी अमेरिका–इजरायल के हमलों में मारे गए. ईरानी सरकार ने अयातुल्ला की हत्या के बाद 40 दिनों के शोक की घोषणा भी की है. Channel 12 के अनुसार, खामेनेई के शव की तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दिखाई गई.

अयातुल्ला की मौत के बाद ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने घोषणा की कि खामेनेई की शहादत तानाशाहों के खिलाफ एक बड़े विद्रोह की शुरुआत बनेगी. ईरान ने कसम खाई है कि अब और भी बड़े हमले होंगे. वहीं खामेनेई की मौत के ईरान में जश्न भी मनाए जाने की खबरें सामने आईं हैं. हालांकि, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले के जवाब में ईरानी जनता सड़क पर उतरी है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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