Iran Protests: ईरान की सड़कों पर उबाल है. प्रदर्शनकारी युवा सरकार के खिलाफ आंदोलन पर डटे हुए है. आगजनी, फायरिंग के बीच आंदोलन को दबाने की पूरी कोशिश हो रही है. इस बीच ईरान के सरकारी टेलीविजन ने देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का एक भाषण प्रसारित किया. यह देश के नाम उसके शासक खामेनेई का संबोधन था, जिसमें उन्होंने देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बात की है. देश के कई शहरों में हो रहे विरोध प्रदर्शन ने ईरान की शासन व्यवस्था को हिला दिया है. घबराई खामेनेई सरकार जिस तरह से देश के नाम संबोधन दिया है उससे साफ है कि आंदोलन को शासन और प्रशासन ने काफी गंभीरता से लिया है.
प्रदर्शनकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई- खामेनेई
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित अपने संक्षिप्त संबोधन में संकेत दिया कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे. खामेनेई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि प्रदर्शनकारी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं. ईरान में बीते साल 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था. हाल के दिनों में इसमें लगातार तेजी आई है.
अपने देश की चिंता करें ट्रंप
अपने संबोधन में खामेनेई ने जिक्र किया कि आंदोलन के पीछे विदेशी शक्तियों का हाथ है. उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप अपने देश की चिंता करें. इससे पहले ईरान के सरकारी टेलीविजन ने आरोप लगाया था कि अमेरिका और इजराइल के आतंकवादी एजेंटों ने ईरान में आगजनी की और हिंसा भड़काई है. सरकारी टेलीविजन ने इस हिंसा में कुछ लोगों के हताहत होने की बात मानी है लेकिन उनकी संख्या और कितना नुकसान हुआ है इसकी जानकारी नहीं दी.
ईरान में इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद
ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें बंद कर दी गई हैं. सरकार ने यह कदम आम लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क तोड़ने के लिए उठाया है. गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह ईरान के निर्वासित युवराज की ओर से प्रदर्शनों के आह्वान के बाद सड़कों पर नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने मार्च किया और सरकार विरोधी नारे लगाए. विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोगों की निजी कारों, मोटरसाइकिलों, मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन, दमकल की गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई है.
ईरान में जारी है जोरदार प्रदर्शन
आर्थिक संकट के कारण ईरान में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल रहा है. लोग सड़कों पर उतरकर आंदोलन कर रहे हैं. बुधवार को अमेरिका की एक ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी ने दावा किया कि ईरान में प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 38 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. विरोध प्रदर्शनों से ईरान की सरकार और उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर दबाव बढ़ गया है.
क्या युवराज रजा पहलवी से प्रभावित है ईरान के लोग
ईरान में रजा पहलवी के आह्वान पर गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में जनता सड़कों पर उतरी और विरोध प्रदर्शन किया. पहलवी ने ईरानियों से गुरुवार और शुक्रवार को रात 8 बजे सड़कों पर उतरने का आह्वान किया था. इसके बाद उन्होंने कहा ‘सोशल मीडिया पोस्ट से यह साफ हो गया कि ईरानियों ने इस आह्वान को गंभीरता से लिया और इस्लामी गणराज्य को उखाड़ फेंकने के लिए विरोध प्रदर्शन किया. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ईरानी जनता युवराज रजा पहलवी से प्रभावित है. बता दें, ईरान में इस्लामी क्रांति से पहले रजा पहलवी के गंभीर रूप से बीमार पिता 1979 में ईरान से भाग गए थे. पहलवी ने ईरानियों से गुरुवार और शुक्रवार को रात 8 बजे सड़कों पर उतरने का आह्वान किया था. (इनपुट- भाषा)

