Hormuz Island Turns Red: इन दिनों सोशल मीडिया पर ईरान के होर्मुज तट का वीडियो सोशम मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में होमुर्ज तट का पानी खून की तरह लाल दिखाई दे रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही ईरान का होर्मुज द्दीप एक बार फिर लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद यहां का समुद्री तट और आसपास का पानी लाल रंग में बदल गया है. यह नजारा देखने में इतना आकर्षक है, पहली ही नजर में देखने पर किसी चमत्कार जैसा लगता है. तीन दिन पहले होर्मुज नदी का वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा था.

होर्मुज द्दीप फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के पास ही स्थित एक छोटा सा द्दीप है जो अपनी खास प्राकृतिक बनावट के लिए जाना जाता है. इस क्षेत्र में पहाड़ों और मिट्टी में लोहे की मात्रा बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है. यही वजह है कि बारिश के बाद जब पानी इन लोहे वाली पहाड़ियों से गुजरता है तो अपने साथ लाल मिट्टी बहाकर ले जाता है. इसी वजह से इस तट का समुद्र का पानी लाल रंग का दिखाई देता है.
इसे देखने के बाद लोगों ने कई तरह के अनुमान लगाएं. कुछ ने बोला यह किसी तरह की रहस्यमय चीज से हो रहा है. हालांकि ऐसा होना बहुत ही सामान्य है, हर साल बारिश के बाद यह देखने को मिलता है जहां पूरे समुद्र का पानी लाल नजर आने लगता है.

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव द्दीप की चट्टानों में मौजूद आयरन ऑक्साइड (Iron Oxides) की अधिक मात्रा की वजह से होता है. खासतौर पर पानी का इस तरह खून की तरह लाल हो जाने के पीछे हेमेटाइट नाम के एक मिनरल के कारण होता है. उनके मुताबिक जब बारिश होती है तो यह मिनरल पानी में घुलकर बहने लगता है. यह कारण है कि बारिश का पानी अपने साथ लाल रंग की मिट्टी और कणों को समुद्र तक ले आता है, जिससे की रेत और उथला समुद्री पानी गहरे लाल या जंग जैसे रंग का हो जाता है.

होर्मुद नदी के तट पर बहता लाल रंग का पानी, (Hormuz Island Turns Red)
भारी बारिश के बाद पानी का तेज बहाव मिट्टी के साथ छोटे और महीन कन बहकर समुद्र के तट तक पहुंच जाते हैं, जिससे पूरा समुद्र तट ऐसा दिखने लगता है मानो जैसे किसी ने लाल रंग से रंग दिया हो. मिट्टी में मौजूद हेमेटाइट मिनरल के कारण होर्मुज तट को फारस की खाड़ी का इंद्रधनुषी द्दीप भी कहा जाता है.

पर्यटकों के लिए बना व्यूपॉइंट (Hormuz Island)
स्थानीय लोग और पर्यटक अक्सर इस प्राकॉतिक घटना को कैमरे में कैद करते हैं जो वैज्ञानिक जिज्ञासा का होने के साथ साथ फोटोग्राफरों और वैज्ञानिकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन चुकी है. हालांकि पर्यावरण के विशेषज्ञों का कहना है कि यह लाल रंग इंसानों के लिए नुकसानदेह नहीं है और थोड़े समय बाद खुद ही खत्म हो जाता है. लेकिन लगातार खनीज और मिट्टी के बहने से जमीन की बनावट में धीरे धीरे बदलाव आ सकता है.

होर्मुज द्दीप बहुत ही खास है क्योंकि इसकी जमीन नमक के टीलों और ज्वालामुखी से बने पत्थरों के परतों पर स्थित है. यहां गेरू, जिप्सम और लोहे जैसे खनीज बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं. इन खनीजों का इस्तेमाल लंबे समय से स्थानीय लोग पारंपरिक रंग बनाने में करते रहे हैं.
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