होर्मुज नाकाबंदी पर ईरानी राजदूत की प्रतिक्रिया, कहा- उकसाने वाला कदम

Published by : Pritish Sahay Updated At : 14 Apr 2026 11:55 PM

विज्ञापन

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज , फोटो- एक्स

US Iran Tension: पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम होर्मुज में अमेरिकी घेराबंदी पर कहा कि नौसैनिक नाकेबंदी एक अवैध, उकसाने वाला और गैर-रचनात्मक कदम है, जो शायद साख बचाने के लिए की गई रणनीतिक चूक है.

विज्ञापन

Strait of Hormuz: पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोघदम (Reza Amiri Moghadam) ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नाकाबंदी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे गरिमा के साथ पीछे हटने और अपनी साख बचाने के लिए की गई लापरवाही भरी चूक कहा है. ईरानी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह घटनाक्रम बेकार के बयानों से लेकर लापरवाह कार्रवाइयों और फिर उसी चक्र को दोहराने जैसा खतरनाक पैटर्न है.

मोघदम ने बोला अमेरिकी राष्ट्रपति पर हमला

मोघदम ने कहा कि नौसैनिक नाकाबंदी का मकसद यह दिखाना है कि चीजों को बलपूर्वक थोपा जा रहा है, ताकि हथियारों की तैनाती, आक्रामक बयानबाजी, जानमाल के नुकसान और अमेरिकी करदाताओं पर पड़ने वाले बोझ को सही ठहराया जा सके. उन्होंने यह टिप्पणी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में नाकाबंदी की घोषणा के बाद की, जिसका उद्देश्य चीन और अन्य देशों को ईरान से तेल आपूर्ति से रोकना बताया गया है.

अमेरिका और ईरान कर सकते हैं दूसरे दौर की बातचीत

इस बीच पाकिस्तानी अंग्रेजी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून (The Express Tribune) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ईरान और अमेरिका को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्ष अगले सप्ताह इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर के लिए फिर मिल सकते हैं.

विफल हो गई थी पहले दौर की वार्ता

इससे पहले पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रविवार (12 अप्रैल)अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई थी. इस मीटिंग में अमेरिका की तरफ से उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हुए थे. वहीं, ईरान की तरफ से उनकी संसद के स्पीकर बागेर गालीबाफ ने हिस्सा लिया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के न्योते पर यह दोनों लीडर्स शनिवार (11 अप्रैल) को इस्लामाबाद पहुंचे थे. बातचीत खत्म होने और कोई नतीजा नहीं निकलने को अमेरिकी उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुरी खबर कहा था. ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच 21 घंटे तक बैठक हुई थी, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई.

Also Read: होर्मुज नाकाबंदी के बाद एक्शन में पीएम मोदी, डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर 40 मिनट तक की बात

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola