रिहा होंगे पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय, विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद से की डिमांड, सामने आया नया अपडेट
Published by : Anant Narayan Shukla Updated At : 01 Jan 2026 4:53 PM
भारत और पाकिस्तान ने कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया. फोटो- एआई जेनेरेटेड.
India Pakistan exchange prisoner lists: मानवीय मुद्दों पर संवाद के तहत भारत और पाकिस्तान ने एक बार फिर समन्वय दिखाया है. 2008 के कांसुलर एक्सेस समझौते के प्रावधानों के अनुसार, दोनों देशों ने बृहस्पतिवार को एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया. यह प्रक्रिया राजनयिक माध्यमों से नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ पूरी की गई, जिसकी जानकारी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर दी. और इसे नियमित द्विपक्षीय प्रक्रिया बताया गया है.
India Pakistan exchange prisoner lists: भारत और पाकिस्तान के बीच मानवीय मुद्दों से जुड़े संपर्क के तहत दोनों देशों ने एक बार फिर आपसी समन्वय का कदम उठाया है. द्विपक्षीय समझौते के प्रावधानों के अनुसार, नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक माध्यमों से उन असैन्य कैदियों और मछुआरों की जानकारी साझा की गई है, जो एक-दूसरे की हिरासत में हैं. भारत और पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को 2008 के कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि यह प्रक्रिया नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ पूरी की गई.
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत ने अपनी हिरासत में मौजूद 391 ऐसे असैन्य कैदियों और 33 मछुआरों की जानकारी पाकिस्तान को सौंपी है, जो पाकिस्तानी नागरिक हैं या जिनके पाकिस्तानी होने की आशंका है. वहीं, पाकिस्तान ने भारत को अपनी हिरासत में मौजूद 58 असैन्य कैदियों और 199 मछुआरों की सूची साझा की है, जो भारतीय हैं या जिनके भारतीय होने की संभावना जताई जा रही है.
जिनकी सजा पूरी हो गई, उनकी रिहाई में जल्दी लाई जाए
बयान के अनुसार, भारत सरकार ने पाकिस्तान से मांग की है कि उसकी हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों, मछुआरों (उनकी नौकाओं सहित) और लापता भारतीय रक्षा कर्मियों को जल्द से जल्द रिहा कर भारत वापस भेजा जाए. इसके साथ ही पाकिस्तान से यह भी कहा गया है कि जिन 167 भारतीय मछुआरों और असैन्य कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है, उनकी रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए. इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान से यह भी कहा है कि उसकी हिरासत में मौजूद 35 ऐसे असैन्य कैदियों और मछुआरों को तत्काल कांसुलर सुविधा दी जाए, जिनके भारतीय होने की आशंका है और जिन्हें अब तक यह अधिकार नहीं मिला है.
पाकिस्तान में ध्यान रिहाई तक ध्यान रखा जाए
विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि रिहाई और स्वदेश वापसी तक सभी भारतीय और भारतीय होने की आशंका वाले असैन्य कैदियों और मछुआरों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण का पूरा ध्यान रखा जाए. मंत्रालय के मुताबिक, भारत सरकार के लगातार प्रयासों के चलते वर्ष 2014 से अब तक पाकिस्तान से 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय असैन्य कैदियों को वापस लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2023 से अब तक स्वदेश लौटाए गए 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय असैन्य कैदी भी शामिल हैं.
कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत दोनों देश साझा करते हैं जानकारी
गौरतलब है कि 2008 के कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत भारत और पाकिस्तान हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों और मछुआरों की सूचियों का नियमित रूप से आदान-प्रदान करते हैं. इससे पहले 1 जुलाई 2025 को भी भारत और पाकिस्तान ने राजनयिक माध्यमों से, नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ, एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद असैन्य कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया था.
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By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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