अमेरिका के कोलोराडो स्थित नाइट क्लब में फायरिंग, 5 लोगों की मौत, 18 घायल

Published by : Pritish Sahay Updated At : 20 Nov 2022 5:50 PM

विज्ञापन

अमेरिका के कोलोराडो स्थित एक नाइट क्लब में हुई गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई. बीते कुछ समय में अमेरिकी में इस तरह के हमले में काफी इजाफा हुआ है. अक्टूबर महीने में मेक्सिको शहर के मैक्सिकन सिटी हॉल में इसी तरह अंधाधुंध फायरिंग में मेयर समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी.

विज्ञापन

Firing in America:अमेरिकी में सार्वजनिक जगहों या भीड़ भाड़ वाले इलाकों में गोली चला देना आम बात हो गयी है. ताजा मामला अमेरिका के कोलोराडो का है, जहां एक नाइट क्लब में हुआ गोलीबारी में 5 लोगों की मौत हो गई, 18 से ज्यादा लोग घायल हो गये. वहीं, घटना के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है. वहीं, हमले में घायल हुए लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया गया है.

हिरासत में संदिग्ध: वहीं, घटना के बाद मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है. एक संदिग्ध को भी हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है. बता दें, कोलोराडो के जिस क्लब में गोलीबारी हुई हुई उसे गे क्लब बताया जा रहा है. वहीं, गोलीबारी किस तरह के हथियार से की गई है अभी इसकी जानकारी नहीं दी गई है. हमला क्यों किया गया इसकी भी जानकारी नहीं मिली है.

बढ़ रही हैं अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं: गौरतलब है कि बीते कुछ समय में अमेरिकी में बंदूकधारी के हमले की वारदातों में काफी इजाफा हुआ है. अक्टूबर महीने में अमेरिका के मेक्सिको शहर के मैक्सिकन सिटी हॉल में इसी तरह अंधाधुंध फायरिंग में मेयर समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी. दरअसल, मैक्सिकन सिटी हॉल में कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था. इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. बताया जा रहा है कि गोलीबारी में 10 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था.

लोगों की जा रही है जान: इससे पहले मई महीने में अमेरिका के टेक्सास में 18 साल के एक युवक ने स्कूल में घुसकर 19 बच्चों समेत 23 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. इसके अलावा इसी साल जनवरी से लेकर अक्टूबर महीने में की और बंदूकधारी कातिलों ने अंधाधुंध फायरिंग कर कितने ही लोगों की जान ले ली. दरअसल, अमेरिका में बंदूक रखने की आजादी के कारण कोई भी तरह का हथियार रख सकता है.

अमेरिका में गन कल्चर: दरअसल, अमेरिका का संविधान अपने सभी नागरिकों को बंदूक रखने का अधिकार देता है. यहीं से अमेरिका के गन कल्चर की शुरुआत होती है. इस के चलते अमेरिका के दुकानों में बंदूक उतनी ही आसानी से मिल जाती है, जितनी आसानी से भारत में इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोबाइल फोन मिलते हैं. अपने गन कल्चर के कारण ही बीते 50 सालों में अमेरिका में लाखों लोग बंदूक से होने वाली हिंसा के शिकार हुए हैं. और यह अनवरत अभी भी जारी है.

Also Read: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की पोती नाओमी की शादी, दुल्हन की तरह सजा व्हाइट हाउस

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola