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भारत-पाक सहित 8 युद्ध नोबेल के लिए नहीं रुकवाए, बल्कि... डोनाल्ड ट्रंप का नया शिगूफा, अफगान-पाक वार पर कही ये बात

Updated at : 13 Oct 2025 8:27 AM (IST)
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Donald Trump repeats solved India Pakistan conflict.

डोनाल्ड ट्रंप ने फिर भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने का ठोका दावा. फोटो- ANI.

Donald Trump India Pakistan War: डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को पश्चिम एशिया के दौरे पर निकलते समय पत्रकारों से कहा कि उन्होंने दुनिया भर में कई युद्ध समाप्त कराए हैं, जिनमें भारत-पाकिस्तान विवाद भी शामिल है. उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा कि वह युद्ध सुलझाने में माहिर हैं.

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Donald Trump India Pakistan War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकबार फिर यह दावा किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध उनकी वजह से रुका. ट्रंप ने कहा कि आर्थिक उपायों, खासकर टैरिफ जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर कई पुराने और लंबे समय से चले आ रहे वैश्विक विवादों को सुलझाया है. उन्होंने ने कहा कि गाजा संघर्षविराम उनकी आठवीं समाप्त की गई जंग होगी. ट्रंप ने कहा कि हालांकि ये सब उन्होंने नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं बल्कि मानवता को बचाने के लिए किया. ट्रंप दुनिया भर में युद्ध रुकवाने का दावा इतनी बार कर चुके हैं कि शायद अब उसकी गिनती भी नहीं की जा सकता. डोनाल्ड ट्रंप गाजा संघर्ष विराम और इजरायली बंधकों की रिहाई समझौते को औपचारिक रूप देने के लिए मध्य पूर्व की यात्रा पर निकल रहे हैं. वहां वह मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी के साथ गाजा शांति सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे.

ट्रंप ने रविवार को पश्चिम एशिया के दौरे पर निकलते समय पत्रकारों से कहा कि उन्होंने दुनिया भर में कई युद्ध समाप्त कराए हैं, जिनमें भारत-पाकिस्तान विवाद भी शामिल है. उन्होंने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष का भी जिक्र किया और कहा कि वह युद्ध सुलझाने में माहिर हैं. ट्रंप ने कहा, “यह मेरा आठवां युद्ध होगा जिसे मैंने खत्म किया है. मैंने सुना है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अब युद्ध चल रहा है. मैंने कहा, मैं लौटकर उसे भी सुलझा दूंगा. क्योंकि मैं युद्ध सुलझाने में अच्छा हूं.” 

‘नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं किया’- ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, “भारत और पाकिस्तान के बारे में सोचिए. उन लड़ाइयों के बारे में सोचिए जो कई सालों से चल रहे थे. ये वे युद्ध हैं जो 31, 32 या 37 साल से चल रहे थे, जिनमें लाखों लोग मारे गए और मैंने उनमें से ज्यादातर को एक दिन के भीतर सुलझा दिया. यह काफी अच्छा है…” ट्रंप ने आगे कहा कि यह सब उन्होंने किसी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नहीं किया, बल्कि लाखों जिंदगियां बचाने के लिए किया. उन्होंने कहा, “यह एक सम्मान की बात है. मैंने लाखों लोगों की जान बचाई. नोबेल समिति के लिए न्याय की दृष्टि से कहूं तो यह 2024 के लिए तय किया गया था, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि 2025 में जो काम हुए हैं, वे भी उतने ही महान हैं. लेकिन मैंने यह सब किसी पुरस्कार के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के लिए किया.”

भारत पाकिस्तान युद्ध टैरिफ की धमकी देकर रुकवाया

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कुछ युद्ध आर्थिक दबाव और व्यापारिक शुल्कों के जरिए खत्म किए. ट्रंप ने कहा, “मैंने कुछ युद्ध सिर्फ टैरिफ लगाकर सुलझाए. उदाहरण के लिए, भारत और पाकिस्तान के बीच, मैंने कहा कि अगर तुम लोग युद्ध करना चाहते हो और तुम्हारे पास परमाणु हथियार हैं, तो मैं तुम दोनों पर 100, 150 या 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा. मैंने कहा कि मैं टैरिफ लगा रहा हूं और वह मामला 24 घंटे में सुलझ गया. अगर टैरिफ नहीं होता, तो यह युद्ध कभी खत्म नहीं होता.” हालांकि, भारत ने बार-बार अमेरिका के किसी भी दखल को खारिज किया है और साफ कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्षविराम सीधे सैन्य वार्ताओं के जरिए हुआ न कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से.

भारत सरकार ने पूरी तरह किया इनकार

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए. 10 मई को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद के बाद संघर्षविराम की घोषणा की गई. भारत का कहना है कि मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद घोषित संघर्षविराम का अमेरिका से कोई संबंध नहीं था. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि ट्रेड या टैरिफ से जुड़ी कोई बातचीत इस सैन्य अभियान से नहीं जुड़ी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कहा था कि भारत ने यह फैसला किसी देश के कहने पर नहीं, बल्कि अपनी रणनीतिक और सैन्य प्राथमिकताओं के आधार पर लिया. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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