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डोनाल्ड ट्रंप को सता रहा डर, छिन जाएगा राष्ट्रपति का पद, रिपब्लिकन पार्टी से बोले; जीत के लिए जुट जाओ

Donald Trump fears Impeachment: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी कुर्सी छिन जाने का खतरा नजर आ रहा है. उन्होंने इस साल के अंत में होने वाले मिडटर्म चुनावों में अपनी पार्टी को जीत का मंत्र दिया. उन्होंने कहा कि अगर हम यह चुनाव नहीं जीते, तो डेमोक्रेट्स उन्हें महाभियोग लगाकर हटा देंगे.

Donald Trump fears Impeachment: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया भर में युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं. वे खुद को शांति का राष्ट्रपति कहते हैं, लेकिन शनिवार को उन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उनके बिस्तर से ही उठवा लिया. हालांकि अब उन्हें अपनी कुर्सी पर ही खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने मंगलवार को रिपब्लिकन नेताओं को चेतावनी दी कि अगर वे 2026 के मध्यावधि (US Midterm Election) चुनाव जीतने में नाकाम रहे, तो डेमोक्रेट्स उन्हें महाभियोग (इम्पीचमेंट) के लिए निशाना बना सकते हैं. ट्रंप एक अहम चुनावी दौर से पहले पार्टी के सांसदों को एकजुट करने की कोशिश करने का प्रयास कर रहे हैं.

वॉशिंगटन में बंद कमरे में हुई एक बैठक के दौरान हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के रिपब्लिकन सांसदों से ट्रंप ने कहा, “आपको मिडटर्म चुनाव जीतने ही होंगे, क्योंकि अगर हम मिडटर्म नहीं जीतते, तो वे कोई न कोई वजह ढूंढकर मुझे महाभियोग का सामना कराएंगे. मेरी इम्पीचमेंट हो जाएगी.” ट्रंप के खिलाफ पहले भी इंपीचमेंट आ चुका है. 2017 से 2021 के कार्यकाल के दौरान डेमोक्रेट्स के नियंत्रण वाली प्रतिनिधि सभा ने उन्हें दो बार महाभियोग के दायरे में लाया था. उन पर यूक्रेन से जुड़े कथित सत्ता के दुरुपयोग और 6 जनवरी 2021 को कैपिटल में हुई हिंसा से पहले की घटनाओं को लेकर आरोप लगाए गए थे. हालांकि, रिपब्लिकन-नियंत्रित सीनेट ने दोनों ही मामलों में उन्हें बरी कर दिया था.

ट्रंप का मजाक, मकसद और पार्टी की जीत का मंत्र

करीब 90 मिनट तक चले अपने लंबे और अक्सर भटकते भाषण में ट्रंप ने पांच साल पहले हुए कैपिटल दंगे के दौरान अपने कदमों का बचाव किया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इस दौरान ट्रांसजेंडर मतदाताओं को रिझाने को लेकर मजाक किया और एक पूर्व राष्ट्रपति के व्हीलचेयर इस्तेमाल का भी मजाक उड़ाया. इस बैठक का मकसद पार्टी के कार्यकारी और विधायी पक्ष को एकजुट करना था, लेकिन ट्रंप ने नई नीतियों की रूपरेखा पेश करने के बजाय अपनी शिकायतें ज्यादा साझा कीं. हालांकि, ट्रंप ने रिपब्लिकनों से अपील की कि वे जेंडर राजनीति, स्वास्थ्य सेवा और चुनाव सुधार जैसे मुद्दों पर अधिक एकजुट होकर लड़ें और महंगाई व जीवन-यापन की बढ़ती लागत से नाराज जनता के सामने उनकी नीतियों को बेहतर ढंग से पेश करें.

इतिहास का भी डर झेल रहे ट्रंप

ट्रंप ने इस मीटिंग के दौरान यह भी कहा कि 2024 के चुनाव में हमने हर स्विंग स्टेट जीता. हमने पॉपुलर वोट लाखों से जीता. हमने सब कुछ जीता. लेकिन वे कहते हैं कि जब आप राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, तो मिडटर्म हार जाते हैं. इतिहास भी यही बताता है कि सत्ता में रहने वाली पार्टी को अक्सर मिडटर्म चुनावों में कांग्रेस की सीटों का नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में रिपब्लिकन पार्टी के लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम रह जाती है. ट्रंप ने इन जोखिमों को स्वीकार किया, लेकिन दावा किया कि उनका रिकॉर्ड नवंबर में जीत दिलाने के लिए काफी है. 

अगर ट्रंप हारे तो होगी ढेर सारी मुश्किल

नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में ट्रंप का राजनीतिक एजेंडा दांव पर लगा हुआ है. वैसे इस मिड टर्म चुनाव में अगर रिपब्लिकन पार्टी हार भी जाती है, तो भी ट्रंप राष्ट्रपति बने रहेंगे. लेकिन तब वे कमजोर हो जाएंगे. ऐसे में रिपब्लिकन पार्टी नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों की तैयारी कर रही है. इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) की सभी सीटों और सीनेट की एक-तिहाई सीटों पर मतदान होगा. हाउस में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बेहद मामूली है, ऐसे में चुनाव नतीजे ट्रंप के विधायी एजेंडे और वॉशिंगटन में उनकी राजनीतिक स्थिति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं. बहुमत न होने की दशा में ट्रंप बड़े सुधार नहीं कर पाएंगे. 

पार्टी बहुमत के पतले मार्जिन पर खड़ी

मिडटर्म चुनावों के तहत प्रतिनिधि सभा की कुल 435 सीटों पर एक साथ मतदान होगा, जबकि सीनेट की 100 में से लगभग एक-तिहाई सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे. मौजूदा समय में सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी 53 सदस्यों के साथ बहुमत में है. डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें हैं, वहीं दो सीटों पर निर्दलीय (स्वतंत्र) सीनेटर मौजूद हैं. हाउस में रिपब्लिकन पार्टी का नाजुक बहुमत कैलिफोर्निया के सांसद डग ला-माल्फा की मौत और पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन के इस्तीफे के बाद और भी कम हो गया है. इसी चुनाव के साथ कई राज्यों में गवर्नर भी चुने जाएंगे. ऐसे में यह एक तरह से राष्ट्रपति ट्रंप के आधे कार्यकाल पर जनता की मुहर ही होगी.  

अगर हारे तो तीसरा इंपीचमेंट आ सकता है

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने को लेकर ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई के बाद राष्ट्रपति की शक्तियों पर फिर से बहस तेज हो गई है, जिसे हाउस रिपब्लिकन का बड़े पैमाने पर समर्थन मिला था. मिडटर्म चुनावों के करीब आते ही ट्रंप ने साफ कर दिया कि ये चुनाव उनके राष्ट्रपति पद के लिए कितने अहम हैं. अगर ट्रंप हारते हैं, तो उनकी जनता में लोकप्रियता कम ही मानी जाएगी, ऐसे में तीसरा महाभियोग जरूर उनका इंतजार करेगा और सीनेट में उनकी पार्टी का बहुमत घटा तो वे और मुश्किल में आ जाएंगे. 

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Anant Narayan Shukla
Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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