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ट्रंप की घेराबंदी से अमेरिका के इस पड़ोसी देश में हाहाकार; न तेल, न खाना, क्या टेकेगा घुटने?

Updated at : 18 Feb 2026 9:58 AM (IST)
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Cuba Crisis Trump Blockade

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

Cuba Crisis: क्यूबा में ट्रंप की 'तेल वाली घेराबंदी' से हाहाकार मचा है. सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं और अस्पतालों से लेकर स्कूलों तक सब ठप पड़ गया है. भुखमरी के कगार पर खड़े इस देश में अब राशन और पेट्रोल के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ रहा है. जानिए कैसे अमेरिका की नई पाबंदियों ने पड़ोसी देश की कमर तोड़ दी है.

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Cuba Crisis: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पड़ोसी देश क्यूबा पर दबाव इतना बढ़ा दिया है कि वहां के हालात बद से बदतर हो गए हैं. क्यूबा इस समय आर्थिक तंगी, ईंधन (फ्यूल) की कमी और हेल्थ इमरजेंसी जैसे बड़े संकटों से जूझ रहा है. ट्रंप ने क्यूबा को एक ‘फेल्ड नेशन’ (असफल देश) बताते हुए कहा है कि अगर उसे बचना है, तो अमेरिका के साथ डील करनी ही होगी.

60 साल पुरानी दुश्मनी

पिछले 60 सालों से अमेरिका ने क्यूबा पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं, लेकिन अब ट्रंप प्रशासन ने इसे और भी सख्त कर दिया है. ट्रंप का कहना है कि वह क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं. एयरफोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि क्यूबा की सरकार को हटाना उनके लिए कोई मुश्किल ऑपरेशन नहीं है, लेकिन फिलहाल वह बातचीत और घेराबंदी के जरिए दबाव बना रहे हैं.

कचरे के ढेर में तब्दील होते शहर

जनवरी 2026 में ट्रंप ने एक ऐसा आदेश साइन किया, जिसने क्यूबा की कमर तोड़ दी. इस आदेश के तहत जो भी देश क्यूबा के साथ व्यापार करेगा, अमेरिका उस पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगा देगा. इसका नतीजा यह हुआ कि क्यूबा में फ्यूल आना लगभग बंद हो गया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी हवाना की सड़कों पर कचरे के ढेर लग गए हैं. शहर के 106 कचरा ढोने वाले ट्रकों में से केवल 44 ही चल पा रहे हैं, बाकी तेल की कमी के कारण खड़े हैं. इससे वहां बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

पेट्रोल के लिए लगी लंबी कतरें

क्यूबा में तेल की इतनी किल्लत है कि सरकार ने भीड़ को काबू करने के लिए एक ऐप लॉन्च किया है. एसोसिएटेड प्रेस से बात करते हुए 65 साल के जॉर्ज रेयेस ने बताया कि ऐप पर उनका वेटिंग नंबर 7000 के पार है. इसका मतलब है कि अपनी बारी आने के लिए उन्हें महीनों इंतजार करना पड़ सकता है.

क्यों पैदा हुआ यह संकट?

पहले क्यूबा को वेनेजुएला से तेल मिलता था, लेकिन वहां हुए अमेरिकी दखल के बाद वह रास्ता बंद हो गया. इसके बाद क्यूबा ने मेक्सिको से मदद ली, लेकिन ट्रंप की धमकियों के बाद मेक्सिको ने भी हाथ खींच लिए.

क्यूबा के उप विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि अमेरिका क्यूबा को सजा दे रहा है. उन्होंने कहा कि तेल की कमी से ट्रांसपोर्ट, अस्पताल, स्कूल और बिजली सप्लाई सब ठप है, जो कि एक अपराध है.

भुखमरी की कगार पर देश

संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक्सपर्ट्स ने भी अमेरिका की इस घेराबंदी की आलोचना की है. द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ‘वर्ल्ड फूड प्रोग्राम’ (WFP) के डायरेक्टर एटिने लाबंडे ने बताया कि ईंधन न होने के कारण शहरों तक ताजा खाना नहीं पहुंच पा रहा है. देश में बिजली की भारी कटौती हो रही है और यहां तक कि वहां के मशहूर सिगार फेस्टिवल और बुक फेयर को भी कैंसिल करना पड़ा है.

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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