Mosquito Factory: घोड़ों का खून पिलाकर पाले जा रहे करोड़ों मच्छर, लेकिन क्यों? सच्चाई जान उड़ जाएंगे होश!
Published by : Aman Kumar Pandey Updated At : 06 Sep 2025 11:13 AM
ब्राजील मच्छर फ़ैक्टरी की AI छवि
Mosquito Factory: क्या आपने सुना है मच्छरों की ऐसी फैक्ट्री के बारे में, जो डेंगू और जीका से बचाती है?
Mosquito Factory: ब्राजील के क्यूरिटिबा शहर में एक ऐसी फैक्ट्री मौजूद है, जिसके बारे में जानकर लोग पहले तो हैरान रह जाते हैं. वजह यह है कि इस फैक्ट्री में गाड़ियां, खिलौने या इलेक्ट्रॉनिक सामान नहीं, बल्कि मच्छर तैयार किए जाते हैं. यहां हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ मच्छरों के अंडे पैदा किए जाते हैं और उन्हें बड़े ही संवेदनशील और नियंत्रित वातावरण में पाला जाता है. दिलचस्प बात यह है कि इन मच्छरों को ज्यादा से ज्यादा अंडे देने के लिए घोड़ों का खून तक पिलाया जाता है.
दरअसल, यह फैक्ट्री सामान्य मच्छरों को तैयार नहीं करती, बल्कि उन्हें बीमारियों से लड़ने वाला हथियार बनाती है. यहां पैदा होने वाले मच्छरों में वोलबाचिया नाम का एक खास बैक्टीरिया डाला जाता है. यह बैक्टीरिया मच्छरों की बीमारी फैलाने की क्षमता को काफी हद तक कम कर देता है. जब इन मच्छरों को बाहर छोड़ा जाता है, तो यह बैक्टीरिया दूसरे मच्छरों में भी फैल जाता है. नतीजा यह होता है कि डेंगू, जीका और चिकनगुनिया जैसे खतरनाक संक्रमण फैलाने की ताकत मच्छरों में कम हो जाती है.
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इन मच्छरों को प्यार से वोलबिटोस नाम दिया गया है. ब्राजील के अलावा कोलंबिया और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी इस तकनीक का प्रयोग किया जा चुका है और नतीजे बेहद उत्साहजनक रहे हैं. उदाहरण के लिए, जिन क्षेत्रों में यह प्रयोग लागू हुआ, वहां डेंगू के मामलों में करीब 69% तक की कमी दर्ज की गई. यानी यह प्रयास इंसानों की सुरक्षा के लिए एक कारगर उपाय साबित हो रहा है.
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हालांकि, मच्छरों की इस खास फैक्ट्री को चलाना आसान नहीं है. इनके पालन-पोषण के लिए सही तापमान, पर्याप्त नमी और खून की आपूर्ति जरूरी होती है. इतना ही नहीं, आसपास के लोगों को यह समझाना भी चुनौतीपूर्ण होता है कि ये मच्छर खतरनाक नहीं बल्कि उनके रक्षक हैं. इनसे किसी को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि ये बीमारियों से बचाव करेंगे. क्यूरिटिबा की यह अनोखी फैक्ट्री आज दुनिया को दिखा रही है कि कभी बीमारी फैलाने वाला समझा जाने वाला मच्छर भी मानवता का साथी बन सकता है. यहां करोड़ों की संख्या में तैयार होने वाले मच्छर एक ऐसी “जीवित सेना” हैं, जो डेंगू और जीका जैसे खतरों से इंसानों को बचाने के लिए तैयार की जा रही है.
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By Aman Kumar Pandey
अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।
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