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बांग्लादेश में चुनाव तारीखों का ऐलान, 12 फरवरी को जनता चुनेगी सरकार, यूनुस की किस्मत का भी होगा फैसला

Updated at : 12 Dec 2025 7:44 AM (IST)
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Bangladesh to hold general elections and referendum on Muhammad Yunus's reform proposals on February 12

बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव और मुहम्मद यूनुस के सुधार प्रस्तावों पर रेफरेंडम होगा.

Bangladesh general election and referedum on February 12: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे. यह घोषणा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिर उद्दीन ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान की. उसी दिन, यानी 12 फरवरी को ही मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय सहमति आयोग द्वारा सुझाए गए सुधार प्रस्तावों पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा.

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Bangladesh general election and referedum on February 12: बांग्लादेश एक ऐसे आम चुनाव की तैयारी कर रहा है, जिसे देश के हालिया राजनीतिक इतिहास का सबसे अहम लोकतांत्रिक पड़ाव माना जा रहा है. बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे. यह घोषणा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासिर उद्दीन ने राष्ट्र के नाम संबोधन के दौरान की. उन्होंने बताया कि मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक कराया जाएगा. उसी दिन, यानी 12 फरवरी को ही मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय सहमति आयोग द्वारा सुझाए गए सुधार प्रस्तावों पर जनमत संग्रह भी कराया जाएगा.

चुनाव के लिए एक घंटे का समय बढ़ाया गया है. क्योंकि मतदाताओं को दो बैलेट डालना होगा. एक चुनाव के लिए और दूसरा जनमत संग्रह के लिए. यह जनमत संग्रह देश की राजनीतिक और प्रशासनिक संरचना को भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए, इस पर जनता की राय जानने का प्रयास है. चुनाव की तारीखों की घोषणा सीईसी की राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन से मुलाकात के एक दिन बाद की गई. राष्ट्रपति ने आयोग को आश्वस्त किया कि सरकार चुनाव को ‘‘पूर्ण स्वतंत्रता और निष्पक्षता’’ के साथ संपन्न कराने में हर तरह से सहयोग देगी.

किस दिन होगा नामांकन और कब तक चलेगा चुनाव प्रचार

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवारों के लिए नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 29 दिसंबर निर्धारित की गई है. नामांकन पत्रों की जांच 30 दिसंबर से चार जनवरी तक चलेगी, जबकि नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 20 जनवरी तय की गई है. उम्मीदवारों की अंतिम सूची 21 जनवरी को प्रकाशित की जाएगी. चुनाव प्रचार 22 जनवरी से शुरू होगा और 10 फरवरी को सुबह 7:30 बजे तक चलेगा. इस ऐलान के साथ ही बांग्लादेश में आचार संहिता लागू हो गई है. अब चुनाव लड़ रही पार्टियों को अपने पोस्टर और बैनर को 48 घंटे के अंदर हटाना होगा. 

यूनुस ने कहा है चुनाव होगा ऐतिहासिक

अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने कई बार कहा है कि फरवरी में होने वाला चुनाव ‘ऐतिहासिक’ होगा. उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत में कहा कि यदि यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई तो अगले चुनाव को जनता भी ऐतिहासिक करार देगी. यूनुस की अंतरिम सरकार ने सत्ता संभालने के बाद अवामी लीग को भंग कर दिया था और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना फिलहाल भारत में रह रही हैं.

शेख हसीना की सत्ता बेदखली के बाद हो रहे चुनाव

यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलनों के कारण शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी और तब से देश अंतरिम व्यवस्था के तहत चल रहा है. अगस्त 2024 में छात्रों के व्यापक और हिंसक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना की अवामी लीग सरकार के सत्ता से बेदखल होने के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा. देश वर्तमान में एक अंतरिम सरकार के तहत चल रहा है और उसके नेतृत्व ने इस चुनाव को ‘ऐतिहासिक’ बनाने का संकल्प जताया है. चुनाव आयोग ने मतदान की तारीख के साथ विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा करते हुए बड़े राजनीतिक बदलावों की दिशा में एक नई शुरुआत का संकेत दिया है.

बीएनपी और जमात प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी

राजनीतिक दलों की बात करें तो हसीना सरकार के हटने के बाद बीमार चल रहीं खालिदा जिया की बीएनपी, यानी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी, इस बार मुख्य राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरकर सामने आई है. उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी भी अवामी लीग की अनुपस्थिति में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी बनकर उभरी है. दोनों दल 300 सीट वाली संसद के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं.  बीएनपी के महासचिव मिर्जा फलहरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा है कि पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान, जो पिछले 17 वर्षों से लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं, ‘‘बहुत जल्द’’ बांग्लादेश लौटेंगे. उन्होंने कहा कि उनके लौटने का असर पूरे देश में महसूस किया जाएगा. 

एनसीपी भी चुनावों में लेगी भाग

इधर, फरवरी 2024 में गठित ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ (एनसीपी), जो छात्रों के संगठन ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ (एसएडी) का राजनीतिक रूप है, भी इस चुनाव में सक्रिय है. यह वही संगठन है जिसने पिछले साल के छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया था और जिसके दबाव में हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी. इसके दो शीर्ष नेताओं ने कुछ दिन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दिया है. 

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Anant Narayan Shukla

लेखक के बारे में

By Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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