AI Replace Doctors: टेक दुनिया के जाने-माने उद्यमी और सिलिकॉन वैली के भारतीय-अमेरिकी अरबपति विनोद खोसला का मानना है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई स्वास्थ्य सेवा में बड़ा बदलाव लाएगा. उनका कहना है कि मशीनें अब डॉक्टरों के काम का बड़ा हिस्सा संभालेंगी, जैसे डायग्नोसिस, मरीज की निगरानी और निर्णय लेना, जबकि डॉक्टर सिर्फ उस काम पर ध्यान देंगे जिसमें मानव सहानुभूति और समझ की जरूरत है. खोसला ने इस विचार को अपनी एक्स थ्रेड में साझा किया और पिछले दशक की अपनी भविष्यवाणियों और हाल के तकनीकी बदलावों की ओर ध्यान दिलाया. उन्होंने कहा कि हम अभी इस यात्रा की शुरुआत में हैं, लेकिन हर साल हम अपने लक्ष्य के और करीब जा रहे हैं.
AI Replace Doctors Vinod Khosla Predicts in Hindi: मशीनें डॉक्टरों का 80 प्रतिशत काम करेंगी
खोसला की सबसे चौंकाने वाली भविष्यवाणी में से एक यह है कि 2012 में मैंने कहा था कि मशीनें डॉक्टरों के लगभग 80 प्रतिशत काम को बदल देंगी. उनका मानना है कि डेटा साइंस और सॉफ्टवेयर में हो रही तेजी से प्रगति पारंपरिक बायोलॉजिकल रिसर्च से भी तेजी से चिकित्सा क्षेत्र बदल सकती है. उन्होंने कहा कि डॉक्टर अब मरीजों से संवाद बनाने, भरोसा बनाने और जटिल फैसले लेने जैसे मानवीय कामों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. खोसला का यह भी कहना है कि अगले दशक में डेटा साइंस और सॉफ्टवेयर, बायोलॉजिकल विज्ञान से ज्यादा योगदान देंगे.
एआई का समाज पर असर
खोसला ने अपनी शुरुआती एआई निवेश की भूमिका पर भी बात की. उन्होंने कहा कि 2018 में मैंने कहा था कि एआई समाज की संरचना बदल देगा, और हम OpenAI में पहले VC निवेशक बने. उन्होंने यह भी जोड़ा कि चैटजीपीटी की तेजी और वैश्विक अपनाने की दर दर्शाती है कि एआई कितनी जल्दी दुनिया में फैल सकती है. खोसला ने भविष्यवाणी की है कि लगभग दो साल पहले मैंने कहा था कि एक दिन दुनिया में एक अरब से ज्यादा लोग नेचुरल लैंग्वेज में कोडिंग करेंगे. यानी अब हर कोई बिना गहन तकनीकी ज्ञान के भी कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर के काम को समझ सकेगा और नियंत्रित कर सकेगा.
एआई के आगे का भविष्य
खोसला सिर्फ एआई तक सीमित नहीं हैं. वे साफ ऊर्जा, फ्यूजन पावर, सुपरहॉट जियोथर्मल सिस्टम और Mach 5 एयरक्राफ्ट जैसे बड़े तकनीकी बदलावों की भविष्यवाणी करते हैं. उनका कहना है कि ऐसे विमान न्यूयॉर्क और लंदन के बीच यात्रा को केवल 90 मिनट में पूरा कर देंगे. इसके अलावा, वे मानते हैं कि हर बच्चा भविष्य में पर्सनल एआई ट्यूटर का लाभ उठा सकेगा.

