स्कॉटलैंड में खालिस्तान समर्थकों की कारगुजारी, भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में जाने से रोका

Published by : Pritish Sahay Updated At : 30 Sep 2023 9:09 AM

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स्कॉटलैंड में कट्टरपंथी ब्रिटिश सिख कार्यकर्ताओं भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में जाने से रोका. भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी को गुरुद्वारे जाने से रोक दिया गया. खालिस्तानी समर्थकों ने यहां तक की भारतीय उच्चायुक्त को कार से नीचे भी उतरने नहीं दिया.

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भारत और कनाडा के बीच जारी विवाद के बीच ब्रिटेन में कट्टरपंथी खालिस्तानी समर्थकों का बड़ा कारनामा सामने आया है. ब्रिटिश कट्टरवादी खालिस्तानी समर्थकों ने ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी को आज यानी शुक्रवार को स्कॉटलैंड के एक गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोक दिया. खालिस्तानी समर्थकों ने यहां तक की भारतीय उच्चायुक्त को कार से नीचे भी उतरने नहीं दिया. गौरतलब है कि खालिस्तानी समर्थकों कई देशों में नज्जर की हत्या मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारे में प्रवेश करने से रोक दिया.

भारतीय उच्चायोग में भी हमला कर चुके हैं खालिस्तानी समर्थक  
गौरतलब है कि कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद कई खालिस्तानी समर्थक सिख समूह भड़के हुए हैं. बता दें, काफी समय में कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन समेत कई अन्य देशों में खालिस्तानी समर्थक सिख निज्जर की हत्या को लेकर आंदोलन पर उतारू हैं. खालिस्तानी समर्थक सिख समुदाय के लोग भारतीय उच्चायोग पर हमला, तिरंगे का अपमान समेत काई और कारगुजारियों को अंजाम देते रहते हैं.

समर्थक लगातार कर रहे हैं प्रदर्शन
लंबे समय से खालिस्तान की मांग को लेकर समर्थक सिख समुदाय भारत के खिलाफ प्रदर्शन करता आ रहा है. वहीं कट्टर खालिस्तान नेता निज्जर की हत्या के बाद इनका आंदोलन और तेज हो गया है. कनाडा समेत कई और देशों में ये प्रदर्शन कर रहे है. वहीं कनाडा के भारत पर आरोप के बाद भारत और कनाडा की दूरी भी काफी बढ़ गई है. भारत ने कनाडा के आरोप को बकवास करार दिया है.

जांच में सहयोग करने का आग्रह
इधर, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत से खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या मामले की कनाडा की ओर से जारी जांच में पूरा सहयोग करने का आग्रह किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने अमेरिकी समकक्ष एंटनी ब्लिंकन से यहां मुलाकात की और इस दौरान दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग जारी रखने पर जोर दिया. खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच जारी कूटनीतिक तनातनी के मध्य जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री से यहां मुलाकात की और दोनों ने वैश्विक विकास पर भी चर्चा की. बता दें, विदेश मंत्री एस जयशंकर पांच दिन की अमेरिका यात्रा पर हैं.

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खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या पर चर्चा
वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन के साथ उनकी बैठक के दौरान एक खालिस्तानी अलगाववादी की मौत के संबंध में कनाडाई आरोपों पर चर्चा की गई थी. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने बेहतर जानकारी साझा की. जयशंकर से थिंक-टैंक हडसन इंस्टीट्यूट में पूछा गया था कि क्या विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में ब्लिंकन के साथ उनकी बैठक के दौरान कनाडाई आरोपों का मुद्दा उठा था. इसके जवाब में उन्होंने कहा, हां, मैंने ऐसा किया था. जयशंकर ने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने इस पूरी स्थिति पर अपना आकलन साझा किया और उन्होंने अमेरिकियों को भारत की चिंताओं का सारांश समझाया.

भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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