चीन ने रक्षा बजट 12.2 प्रतिशत बढ़ाकर 132 अरब डॉलर किया

Published at :05 Mar 2014 10:01 AM (IST)
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चीन ने रक्षा बजट 12.2 प्रतिशत बढ़ाकर 132 अरब डॉलर किया

बीजिंग : चीन ने आज अपने रक्षा बजट में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा करते हुए इस साल अपना रक्षा बजट 132 अरब डॉलर कर दिया जो कि भारत के 36 अरब डॉलर के रक्षा बजट से कहीं ज्यादा है. चीनी सांसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस(एनपीसी )के समक्ष प्रधानमंत्री ली क्विंग द्वारा पेश किए गए […]

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बीजिंग : चीन ने आज अपने रक्षा बजट में 12.2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा करते हुए इस साल अपना रक्षा बजट 132 अरब डॉलर कर दिया जो कि भारत के 36 अरब डॉलर के रक्षा बजट से कहीं ज्यादा है.

चीनी सांसद, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस(एनपीसी )के समक्ष प्रधानमंत्री ली क्विंग द्वारा पेश किए गए बजट संबंधी प्रस्तावों के अनुसार चीन की योजना इस साल अपना रक्षा बजट 12.2 प्रतिशत बढ़ाकर 808.2 अरब युआन(करीब 132 अरब डॉलर )करने की है.वर्ष 2013 में चीन ने राष्ट्रीय रक्षा बजट पर 720.197 अरब युआन (करीब 117.7 अरब डॉलर )खर्च किए थे जो कि 2012 के बजट से 10.7 प्रतिशत अधिक था.

भारत के नजरिए से उसके 36 अरब डॉलर के रक्षा बजट की तुलना में चीन का रक्षा बजट बहुत बड़ा है. भारत में पिछले महीने पेश किए गए अंतरिम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 36 अरब डॉलर आवंटित किए गए थे जो कि पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है.

इस साल चीन के रक्षा बजट में हुई वृद्धि प्रतिशत के लिहाज से बहुत ज्यादा है और इसकी घोषणा चीनी सेना के व्यापक आधुनिकीकरण के बीच हुई है. चीनी रक्षा बजट में हुई वृद्धि का बचाव करते हुए एनपीसी के प्रवक्ता फू यिंग ने कल यहां मीडिया से कहा, ‘‘अपने इतिहास और अनुभव को देखते हुए हमें लगता है कि शांति केवल ताकत से बरकरार रखी जा सकती है.’’चीन के रक्षा क्षेत्र में किए जाने वाले खर्च को पश्चिमी देशों में चिंता के तौर पर देखा जाता रहा है.

चीन के रक्षा बजट में हाल के सालों में किए गए दोहरे अंकों की प्रतिशत वृद्धि से पश्चिमी देश चिंतित हैं. लेकिन रक्षा विशेषज्ञों ने इसका बचाव करते हुए कहा कि चीन का रक्षा व्यय सामान्य है और देश की आर्थिक दशाओं के अनुरुप है.

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए )नौसेना की विशेषज्ञ सलाह समिति के निदेशक यिन झुओ ने कहा कि चीन का रक्षा व्यय अब भी उस स्तर से कम है जिसकी देश को जरुरत है क्योंकि चीन बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है.

यिन के हवाले से सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने कहा कि हालांकि पिछले तीन सालों में रक्षा बजट जीडीपी विकास से आगे निकल चुका है लेकिन रक्षा व्यय का जीडीपी में हिस्सा 1.4 प्रतिशत ही है, जो कि 3 प्रतिशत के विश्व औसत से कहीं कम है.’’ शिन्हुआ की एक रिपोर्ट के अनुसार, लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज द्वारा जारी एक रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2013 में 600.4 अरब डॉलर के बजट के साथ अमेरिका दुनिया में रक्षा क्षेत्र पर सबसे अधिक खर्च करने वाला देश बना हुआ था.

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