ऑस्ट्रेलिया में रहने के लिए भारतीय डॉक्टर की आखिरी कोशिश भी नाकाम

मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के एक अस्पताल में काम करने के दौरान एक मरीज का यौन उत्पीड़न करने के दोषी भारतीय मूल के एक डॉक्टर की इस देश में रुकने के लिए आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई. संघीय अदालत के न्यायाधीश ने सुहैल दुर्ररानी की अपील कल खारिज कर दी लेकिन उसके वकील शाहिद शकूर […]
मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के एक अस्पताल में काम करने के दौरान एक मरीज का यौन उत्पीड़न करने के दोषी भारतीय मूल के एक डॉक्टर की इस देश में रुकने के लिए आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई.
संघीय अदालत के न्यायाधीश ने सुहैल दुर्ररानी की अपील कल खारिज कर दी लेकिन उसके वकील शाहिद शकूर ने कहा कि उनका इरादा इस मामले को अदालत की पूर्ण पीठ में ले जाने का है.
36 वर्षीय दुर्ररानी वर्ष 2010 में रॉयल पर्थ हॉस्पिटल में 19 वर्षीय एक लड़की का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में 18 माह से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं और रिहाई के बाद से वह पर्थ में रहने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
एबीसी की एक रिपोर्ट में शकूर को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है ‘‘निश्चित रुप से वह हताश हैं. वह करीब 6 माह के लिए हिरासत में हैं और ऐसे समय पर फैसला बिल्कुल वैसा नहीं है जैसा हमने सोचा था.’’ उन्होंने कहा ‘‘हम फैसले का सम्मान करते हैं. यह अपील करने लायक है लेकिन यह वकील की सलाह पर निर्भर करेगा.’’
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