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चीनी एटॉमिक सेंटर के 90 वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, संस्थान चलाना हुआ मुश्किल

Updated at : 25 Jul 2020 6:07 PM (IST)
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चीनी एटॉमिक सेंटर के 90 वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, संस्थान चलाना हुआ मुश्किल

बीजिंग : चीन की सरकार एटॉमिक रिसर्च सेंटर का काम ठप पड़ गया है. सरकारी परमाणु संस्थान द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी टेक्नोलॉजी (INEST) में काम करने वाले 90 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है. जिससे यहां काम लगभग ठप पड़ गया है. वैज्ञानिकों के इस्तीफे से सरकार घबरा गयी है और जांच के आदेश दिये हैं.

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बीजिंग : चीन की सरकार एटॉमिक रिसर्च सेंटर का काम ठप पड़ गया है. सरकारी परमाणु संस्थान द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी टेक्नोलॉजी (INEST) में काम करने वाले 90 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है. जिससे यहां काम लगभग ठप पड़ गया है. वैज्ञानिकों के इस्तीफे से सरकार घबरा गयी है और जांच के आदेश दिये हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इतनी बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों के इस्तीफे के बाद इस संस्थान के संचालन के लिए अब बहुत ही कम साइंटिस्ट बचे हैं. वैज्ञानिकों के इस्तीफे को कोई एक वजह नहीं बतायी जा रही है. अलग-अलग वजहों से वैज्ञानिकों ने इस संस्थान से इस्तीफा दिया है.

प्रमुख मुद्दों की बात करें तो वेतनमान में गड़बड़ी और सरकारी सुविधाओं के अभाव से वैज्ञानिक असंतुष्ट थे. वैज्ञानिकों का कहना है कि इस सरकारी संस्थान को चीन की सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपना पूरा अधिकार जमाया हुआ है. पार्टी के बड़े नेता वैज्ञानिकों से कम सैलरी में ज्यादा काम करवाना चाहते हैं. सरकारी सुविधाओं का भी घोर अभाव है.

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दरअसल, चीन का आईनेस्ट संस्थान, हेफी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस (चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस) के अंतर्गत काम करता है. और चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के शीर्ष पदों पर कम्युनिष्ट पार्टी के नेता बैठे हुए हैं. अब ये नेता आईनेस्ट में भी अपनी मनमानी करते हैं. वैज्ञानिकों को शोध के लिए पर्याप्त फंड नहीं दिया जाता है और उनपर बेहतर परिणाम का दबाव बनाया जाता है.

आईनेस्ट में करीब 600 वैज्ञानिक काम करते थे. इसमें 80 फीसदी वैज्ञानिकों के पास पीएचडी की डिग्री है. अब हालात यह हैं कि संस्थान के पास लगभग 100 वैज्ञानिक ही बचे हैं. पिछले कुछ सालों में कई वैज्ञानिक संस्थान छोड़ चुके हैं. ऐसी स्थिति में संस्थान बंद होने की कगार पर है.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.

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