नेपाली कांग्रेस ने बनाई बढ़त,माओवादी पार्टी पीछे

Published at :21 Nov 2013 5:29 PM (IST)
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नेपाली कांग्रेस ने बनाई बढ़त,माओवादी पार्टी पीछे

काठमांडो : नेपाल में संविधान सभा के चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है तो एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा)-माओवादी काफी पीछे रह गई है. माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल प्रचंड को एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा है. सुशील कोइराला के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस 72 सीटों पर आगे […]

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काठमांडो : नेपाल में संविधान सभा के चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है तो एकीकृत नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा)-माओवादी काफी पीछे रह गई है. माओवादी प्रमुख पुष्प कमल दहल प्रचंड को एक सीट पर हार का सामना करना पड़ा है. सुशील कोइराला के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस 72 सीटों पर आगे चल रही है तो नेकपा-यूएमएल 55 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.

शुरुआती रुझानों के अनुसार एकीकृत नेकपा-माओवादी 21 सीटों पर बढ़त के साथ तीसरे स्थान पर चल रही है. घोषित परिणामों के अनुसार नेपाली कांग्रेस ने 20 सीटें और नेकपा-यूएमएल ने 10 सीटें जीती हैं. मतगणना के बाद 601 सदस्यीय सभा एक नया संविधान तैयार करेगी. इस सभा के लिए 240 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान से और 335 सदस्य आनुपातिक मतदान प्रणाली से चुने जाएंगे और शेष 26 सदस्यों को सरकार नामित करेगी.

साल 2008 में हुए संविधान सभा के चुनाव में एकीकृत नेकपा-माओवादी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी जबकि नेपाली कांग्रेस दूसरे और नेकपा-यूएमल तीसरे स्थान पर रही थी. शुरुआती परिणामों में पिछड़ने के बाद माओवादी पार्टी ने आज चुनाव में ‘साजिश’ का आरोप लगाते हुए मतगणना निलंबित किए जाने की मांग की. दूसरी ओर नेपाली कांग्रेस नेकपा-यूएमएल ने माओवादियों से जनादेश का सम्मान करने को कहा है.

माओवादी पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘संविधान सभा के चुनाव के दौरान साजिश और असामान्य गतिविधियों के कारण मतों की गिनती का काम लोगों की उम्मीदों और विचारों के अनुसार नहीं हो सका, इसलिए हम मतगणना को स्थगित किए जाने की मांग करते हैं.’’ पार्टी के अध्यक्ष प्रचंड को नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार राजन केसी के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा है.

काठमांडो निर्वाचन क्षेत्र 10 से उम्मीदवार राजन को 20,392 मत मिले जबकि प्रचंड के नाम से पहचाने जाने वाले पुष्प कमल दहल को 12,852 मत ही मिले. इस सीट से चुनाव लड़ रहे तीसरे उम्मीदवार नेकपा-यूएमएल के सुरेंद्र मानंधर को 13,615 मत मिले. प्रचंड 2008 में इसी सीट से बड़े अंतर से जीते थे. उस समय राजन उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी थे. प्रचंड सिराहा निर्वाचन क्षेत्र 5 से भी उम्मीदवार है जहां वह मतगणना में अब तक सबसे आगे चल रहे हैं.

काठमांडो के निर्वाचन क्षेत्र-1 से प्रचंड की बेटी रेणु दहल को भी हार का मुंह देखना पड़ा. रेणु को नेपाली कांग्रेस के महासचिव प्रकाश मान सिंह ने पराजित किया. इस बीच , मुख्य निर्वाचन आयुक्त नीलकंठ उप्रेती ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मतों की गिनती का काम ‘‘पारदर्शी तरीके से हो रहा है और यह जारी रहेगा.’’ उप्रेती ने कहा, ‘‘चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से कराया गया है. ऐसे में सभी लोगों को नतीजों को स्वीकार करना चाहिए.’’ उधर, माओवादी पार्टी ने केंद्रीय समिति की बैठक के बाद मतगणना की प्रक्रिया से अपने सभी प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का आग्रह किया है.

नेपाली कांग्रेस ने एकीकृत नेकपा-माओवादी से कहा कि वह खेल भावना का परिचय दें और जनादेश का सम्मान करें. नेकपा-यूएमएल के प्रमुख झालानाथ खनल ने कहा, ‘‘माओवादी प्रमुख ने खुद शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने का स्वागत किया था. अब अचानक मतगणना का बहिष्कार करने और जनादेश का अनादर करने का फैसला किया, जो गलत कदम है.’’

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