यूनान के प्रधानमंत्री जनमत संग्रह के रूख पर कायम
Updated at : 02 Jul 2015 1:50 AM (IST)
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ब्रसेल्स : यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिपरस ने यूरोपीय नेताओं से दबाव के बावजूद प्रोत्साहन पैकेज संबंधी जनमत संग्रह के फैसले पर आगे बढने का फैसला किया है और उन्होंने ऋणदाताओं से आग्रह किया कि वे यूनानवासियों के निर्णय को स्वीकार करें. यूनान के आईएमएफ की कर्ज अदायगी में चूक वाली पहली आधुनिक अर्थव्यवस्था बनने […]
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ब्रसेल्स : यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सिस सिपरस ने यूरोपीय नेताओं से दबाव के बावजूद प्रोत्साहन पैकेज संबंधी जनमत संग्रह के फैसले पर आगे बढने का फैसला किया है और उन्होंने ऋणदाताओं से आग्रह किया कि वे यूनानवासियों के निर्णय को स्वीकार करें. यूनान के आईएमएफ की कर्ज अदायगी में चूक वाली पहली आधुनिक अर्थव्यवस्था बनने के साथ ही वामपंथी नेता सिपरा ने टेलीविजन पर देशवासियों को संबोधित किया.
उन्होंने यूनानवासियों से आग्रह किया कि वे रविवार को होने वाले जनमत संग्रह में ऋणदाताओं की मितव्ययता संबंधी मांगों को नकारें. यूरो क्षेत्र के मंत्री बुधवार एथेंस से नए प्रस्ताव पर विचार करने वाले थे लेकिन जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने पहले इस बात पर जोर दिया कि जनमत संग्रह से पहले कोई नया समझौता नहीं होगा.
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के कर्ज के भुगतान में चूक के बाद यूनान ने नया प्रस्ताव रखा. जर्मनी के वित्त मंत्री वोल्फगांग शाएयुबल ने सभी प्रकार की बातचीत को प्रभावी तरीके से खारिज कर दिया और कहा कि रविवार को प्रोत्साहन पैकज की शर्तों पर जनमत संग्रह से पहले कोई समझौता संभव नहीं है. उन्होंने बर्लिन संवाददाता सम्मेलन में कहा, सबसे पहले यूनान को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी आखिर वह क्या चाहता है और तब उसके बाद हम बातचीत करेंगे. यूनान इस समय संकट में फंसा हुआ है जहां बैंक पूरे सप्ताह बंद रहेंगे.
हालांकि बुजुर्गों को पेंशन के भुगतान के लिये आज करीब हजारों शाखाएं खुलीं. प्रधानमंत्री सिपरस ने यूनान के प्रस्ताव को उन संस्थानों के प्रमुखों को भेजा जिन्होंने 2010 से यूरोपीय देश को मिले 240 अरब यूरो के दो प्रोत्साहन पैकजों का प्रबंध किया था. सरकार ने कहा है कि किसी भी समझौते में यूनान को द्वीपों पर 30 प्रतिशत वैट छूट को बनाये रखने तथा 2012 पेंशन सुधार को अक्तूबर 2015 तक टाले जाने की अनुमति देनी होगी. यूनान दो साल के लिये करीब 30 अरब यूरो के प्रोत्साहन पैकेज की मांग कर रहा है ताकि उसके यूरो क्षेत्र से अलग होने के खतरे को टाला जा सके.
यूनान ने आईएमएफ को 1.5 अरब यूरो (1.7 अरब डालर) के ऋण भुगतान में चूक करने के बाद प्रोत्साहन पैकज की मांग की है.
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