1979 के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहली बार की ईरानी समकक्ष से बातचीत

Published at :28 Sep 2013 4:45 PM (IST)
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1979 के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहली बार की ईरानी समकक्ष से बातचीत

वाशिंगटन: एक अनोखे घटनाक्रम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज अपने ईरानी समकक्ष हसन रुहानी से फोन पर बातचीत कर मेल-मिलाप का संकेत दिया है जिससे पश्चिम एशिया में बदलाव हो सकता है. महत्वपूर्ण है कि 30 साल से भी ज्यादा समय बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर संपर्क साधा गया […]

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वाशिंगटन: एक अनोखे घटनाक्रम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज अपने ईरानी समकक्ष हसन रुहानी से फोन पर बातचीत कर मेल-मिलाप का संकेत दिया है जिससे पश्चिम एशिया में बदलाव हो सकता है. महत्वपूर्ण है कि 30 साल से भी ज्यादा समय बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर संपर्क साधा गया है.

न्यूयार्क में काफी व्यस्ततापूर्ण सप्ताह गुजारने के बाद वापस लौट रहे रुहानी को ओबामा का फोन आया. दौरे के दौरान उन्होंने विश्व के कई नेताओं से मुलाकात की और महत्वपूर्ण अमेरिकी मीडिया संगठनों को साक्षात्कार दिया. आनन-फानन में बुलाये गये एक संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अभी-अभी मैंने ईरानी राष्ट्रपति रुहानी के साथ फोन पर बातचीत की. हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते पर पहुंचने पर चल रहे हमारे प्रयासों को लेकर चर्चा की.’’

मीडिया को बयान में उन्होंने कहा, ‘‘न्यूयार्क में मैंने जो कहा वही राष्ट्रपति रुहानी को दोहराया. आगे बढने में निश्चित तौर पर कुछ महत्वपूर्ण बाधाएं होगी और सफलता की गारंटी नहीं है..इसके बावजूद, मेरा मानना है कि हम एक समग्र समाधान पर पहुंच सकते हैं.’’ ओबामा ने इसके बाद संवाददाताओं का और कोई सवाल नहीं लिया.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ अपनी मुलाकात के ठीक बाद उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति से बात की. ओबामा ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री जॉन कैरी को ईरान सरकार के साथ राजनयिक प्रयास जारी रखने का निर्देश दिया है. यह संकेत है कि दोनों देश दशकों से तनावपूर्ण संबंधों के बाद संबंध सुधारने को लेकर गंभीर है.रुहानी ने ट्विटर अकाउंट पर कहा, ‘‘परमाणु मुद्दे के संबंध में राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ मुद्दे का समाधान निकल सकता है.’’ कैरी और ईरानी विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ के बीच सीधी वार्ता के एक दिन बाद दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुयी है, जिसे विदेश मंत्रलय ने ‘रचनात्मक’ करार दिया है.

दोनों देशों के बीच 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से राजनयिक संबंध नहीं है. उस समय देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद अमेरिका समर्थित शाह शासन को उखाड़ फेंका था और तेहरान में अमेरिकी दूतावास को कब्जा कर लिया गया था.अधिकारियों के मुताबिक और रुहानी के ट्विटर अकाउंट के अनुसार ओबामा ने काफी सौहार्दपूर्ण तरीके से बातचीत खत्म की.रुहानी ने अंग्रेजी में कहा, ‘‘हेव ए नाइस डे’’..इस पर ओबामा ने जवाब दिया‘थैंक यू’ और फिर कहा ‘खुदाहाफिज’.

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