हैनोवर, जर्मनी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां जर्मनी के उद्योग-व्यवसाय जगत की शीर्ष हस्तियों के साथ बैठक की और उन्हें भारत में कारोबार को आसान बनाने के लिये अपनी सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में जानकारी दी.
प्रधानमंत्री ने गोलमेज बैठक में इस संबंध में उद्यमियों के विचार भी सुने. इस बैठक में डैमलर, बामबार्डियर, वॉयथ तथा मेट्रो जैसी कंपनियों के 15 सीईओ शामिल हुए और बाद में प्रधानमंत्री ने अलग-अलग भी उनके साथ बातचीत की.मोदी यूरोपीय यात्रा के दूसरे चरण में जर्मनी के इस उत्तरी शहर पहुंचे.प्रधानमंत्री ने जर्मनी के उद्यमियों को बताया कि उन्होंने कारोबार की आसानी के लिये कई कदम उठाये हैं और इस मामले में 80-90 बातों की पहचान की है.
उन्होंने इस दिशा में निवेशकों को भरोसा देते हुए कहा कि वह फैसलों के क्रियान्वयन पर व्यक्तिगत तौर पर निगाह रखे हुए हैं.बाद में एक अन्य कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आधुनिक हो रही है और विकास कर रही है तथा वह निवेशकों के लिये विशाल अवसर प्रस्तुत करती है.उन्होंने इसी संदर्भ में विनिर्माण, बुनियादी ढांचा विकास, गंगा स्वच्छता अभियान और ठोस कचरा प्रबंधकीय परियोजनाओं का जिक्र किया.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट किया, ‘‘प्राथमिकताओं की सूची में व्यवसाय पहले स्थान पर है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जर्मनी की अर्थव्यवस्था और उद्योग क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की.’ बैठक में मोदी के साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन भी थी. प्रधानमंत्री ने विनिर्माण और नवप्रवर्तन के क्षेत्र में जर्मनी की उपलब्धियों की सराहना की.
मोदी ने यहां पहुंचने पर ट्वीट किया, ‘‘हैलो जर्मनी, अभी थोडी ही देर पहले ही हैनोवर पहुंचा हूं.’’ हैनोवर के लांगेनहेगेन हवाईअड्डे से प्रधानमंत्री सीधे अपने होटल पहुंचे. वहां भारतीय समुदाय के अनके लोग पहले से उपस्थित थे और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगा रहे थे. उन्होंने गर्मजोशी से मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री ने उनमें से कुछ के साथ हाथ मिलाया.जर्मनी की तीन दिनों की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी चांसलर एजेंला मर्केल से मिलेंगे. प्रधानमंत्री के रुप में जर्मनी की इस पहली यात्रा के दौरान व्यवसाय और प्रौद्योगिकी पर मुख्य जोर होगा.
मोदी हैनोवर व्यापार मेले में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इस बार मेले में भारत सहयोगी देश है और करीब 400 भारतीय कंपनियां इसमें हिस्सा ले रही हैं. इसमें 100 से 120 भारतीय मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के अलावा 3000 र्मन प्रतिनिधि उपस्थित होंगे.
चांसलर एंजेला मर्केल के साथ मोदी ‘भारतीय पैवेलियन’ का उद्घाटन करेंगे और भारत-जर्मनी व्यापार शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे.दोनों नेताओं के बीच बर्लिन में विस्तृत बातचीत होगी जिसमें मुख्य मुद्दा यह होगा कि जर्मनी, भारत के विकास के एजेंडे में किस तरह सहयोग कर सकता है.दोनों नेता हैनोवर व्यापार शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे. इसमें दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक एवं औद्योगिक सहयोग को बढावा देने पर जोर दिये जाने की उम्मीद है.
मंगलवार को बर्लिन में होने वाली आधिकारिक वार्ता के दौरान मोदी और मर्केल आपसी हितों और अंतरराष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे.जर्मनी यूरोपीय संघ में भारत का सबसे बडा व्यापारिक भागीदार है और यह भारत के 10 शीर्ष वैश्विक व्यापारिक भागीदारों में शामिल है.दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष 15.96 अरब यूरो मूल्य की वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार हुआ जो 2013 की तुलना में 1.14 अरब यूरो कम है. उस साल द्विपक्षीय वस्तु एवं सेवा व्यापार 16.10 अरब यूरो था.
जर्मनी के सरकारी आंकडों के अनुसार भारत से इस यूरोपीय देश को होने वाला निर्यात पिछले साल आंशिक रुप से बढकर 7.03 अरब यूरो के बराबर रहा जबकि जर्मनी से भारत का आयात 2013 के 9.19 अरब यूरो से घटकर 2014 में 8.92 अरब यूरो रहा.
भारत में विदेशी निदेश के मामले में जर्मनी आठवां सबसे बडा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक है. पिछले साल जनवरी-नवंबर के दौरान जर्मनी से भारत को एफडीआई 99.57 करोड डालर के बराबर रहा. भारत और जर्मनी की इकाइयों के बीच इस समय 1600 से अधिक सहयोग चल रहे हैं और दोनों देशें की कंपनियों के करीब 600 संयुक्त उद्यम हैं.