महिलाएं ही तय करेंगी बंगाल की सत्ता, दूसरे फेज में 39 सीटों पर पुरुष वोटरों की संख्या कम

महिला वोटर
West Bengal Voting: महिला वोटर्स की संख्या सिर्फ वोटर लिस्ट में ही अधिक नहीं है, बल्कि वोट डालने में भी यह कहीं आगे हैं.
मुख्य बातें
West Bengal Voting: कोलकाता. बिहार की तरह पश्चिम बंगाल में भी सत्ता किसे मिलेगी यह महिलाएं ही तय करेंगी. पश्चिम बंगाल में हुए एसआईआर के बाद भी महिला वोटरों का दबदबा कम नहीं हुआ है. बुधवार को होने जा रहे 142 सीटों पर मतदान में 23 ऐसी सीटें हैं जिनपर महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से अधिक है. जादवपुर भी उनमें से एक है, जहां पुरुषों की तुलना में 11,759 महिला वोटर ज्यादा हैं. पनिहाटी से भाजपा ने आरजीकर पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाया है, इस सीट पर भी महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है.
वोटर लिस्ट में महिलाओं का नाम ज्यादा
जिन विधानसभा सीटों पर महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से ज्यादा है उनमें से बेहला पश्चिम की सीट भी है. यहां महिला वोटरों की संख्या 1.37 लाख और पुरुष मतदाता 1.28 लाख है. इसी प्रकार टॉलीगंज, रसबेहरी, बारानगर, बर्धमान दक्षिण समेत कुल 10 क्षेत्र हैं, जहां पर महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से ज्यादा है. हालांकि कुछ सीटों पर बराबर का मुकाबला भी है बारासात में 373 तो हुगली के चंपादनी में 122 महिला वोटर ज्यादा हैं. बिधाननगर, रसबेहरी, बारानगर और कस्बा में भी यही हाल है. इन सभी जगहों पर पुरुष वोटरों की तुलना में महिला वोटर ज्यादा हैं.
वोटरों का जेंडर का रेशियो 950
चुनाव आयोग से जारी आंकड़ों के अनुसार 23 अप्रैल को जिन 16 जिलों में मतदान हुआ है, वहां एसआईआर ने वोटर जेंडर का रेशियो 950 कर दिया है, लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाएं
अधिक संख्या में वोट डालने पहुंचीं. गुरुवार को जारी चुनाव आयोग के आंकड़ों में 152 विधानसभाओं में पुरुषों का वोटिंग प्रतिशत 91 रहा, जबकि महिला वोटरों का प्रतिशत 92.7 रहा. महिला वोटर्स की संख्या सिर्फ वोटर लिस्ट में ही अधिक नहीं है, बल्कि वोट डालने में भी यह कहीं आगे हैं.
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वोटर टर्नआउट में भी महिलाएं पुरुषों से आगे
विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान की बात करें तो इस दौरान 18 विधानसभा क्षेत्र ऐसे थे, जहां पर पुरुषों की तुलना में महिला वोटर ज्यादा थीं. कुर्सेओंग सीट पर फासला सबसे अधिक था. यहां पर 87,002 महिला वोटरों के मुकाबले 83,405 ही पुरुष वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. कुछ ऐसा ही हाल सीतलकुची में भी दिखा. यहां पर 1.37 लाख पुरुषों की तुलना में 1.41 लाख महिलाओं ने वोट डाले. दार्जिलिंग में भी पुरुष के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या अधिक रही. 82,914 पुरुष वोटरों की तुलना में 86,211 महिला वोटरों ने वोट डाले.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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