पेशावर हमला : मृत्युदंड को दोबारा लागू करना आतंकवाद का हल नही
Updated at : 18 Dec 2014 12:34 PM (IST)
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लंदन : एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पेशावर हमला के खिलाफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के द्वारा मृत्युदंड की बहाली के फैसले को गलत ठहराया है. एमेनिस्ट इंटरनेशनल ने कहा है कि पेशावर के स्कूल त्रासदी के कारण उपजे डर और गुस्से के आगे घुटने ने टेके और मृत्युदंड पर पाबंदी बरकारार रखे. एमनेस्टी इंटरनेशनल के […]
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लंदन : एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पेशावर हमला के खिलाफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के द्वारा मृत्युदंड की बहाली के फैसले को गलत ठहराया है. एमेनिस्ट इंटरनेशनल ने कहा है कि पेशावर के स्कूल त्रासदी के कारण उपजे डर और गुस्से के आगे घुटने ने टेके और मृत्युदंड पर पाबंदी बरकारार रखे.
एमनेस्टी इंटरनेशनल के उपनिदेशक :एशिया-प्रशांत: डेविड ग्रिफिथ्स ने कहा, ‘‘मंगलवार को हुआ हमला पूरी तरह से निंदनीय है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाना जरुरी है. हालांकि मृत्युदंड की बहाली कोई हल नहीं है- यह कभी भी हल नहीं है. ’’ शरीफ ने मृत्युदंड बहाली की यह घोषणा उस त्रसद घटना के एक दिन बाद की थी, जिसके तहत उत्तरी-पश्चिमी शहर में सेना द्वारा संचालित स्कूल पर तालिबान के आतंकियों ने हमला बोल दिया था। इस हमले में 132 बच्चों समेत कम से कम 148 लोग मारे गए थे.
ग्रिफिथ्स ने कहा, ‘‘इन हमलों के कारण पाकिस्तान स्वाभाविक तौर पर गुस्से और क्रोध की गिरफ्त में है. लेकिन मृत्युदंड से पाबंदी हटा देना एक तात्कालिक प्रतिक्रिया मालूम होता है, जिससे समस्या की जड तक नहीं पहुंच जा सकता.’’
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