इजराइल-फलस्तीन संघर्ष समाप्ति वार्ता में कोई प्रगति नहीं

Published at :13 Aug 2014 5:53 PM (IST)
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इजराइल-फलस्तीन संघर्ष समाप्ति वार्ता में कोई प्रगति नहीं

यरुशलम: गाजा संकट का दीर्घकालीन हल पाने के लिए इजराइली और फलस्तीनी वार्ताकारों के बीच परोक्ष वार्ता में बुधवार को भी कोई नतीजा नहीं निकला जबकि इजराइल ने धमकी दी है कि अगर मौजूदा संघर्षविराम विफल हुआ तो वह हमास का सफाया कर देगा. इजराइली विदेश मंत्री एविगदोर लीबरमान ने कहा, ‘‘इजराइल रगड-घिस की लडाई […]

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यरुशलम: गाजा संकट का दीर्घकालीन हल पाने के लिए इजराइली और फलस्तीनी वार्ताकारों के बीच परोक्ष वार्ता में बुधवार को भी कोई नतीजा नहीं निकला जबकि इजराइल ने धमकी दी है कि अगर मौजूदा संघर्षविराम विफल हुआ तो वह हमास का सफाया कर देगा. इजराइली विदेश मंत्री एविगदोर लीबरमान ने कहा, ‘‘इजराइल रगड-घिस की लडाई नहीं कर सकता जिसमें दोनों पक्ष कमजोर हो जाएं.

अगर मौजूदा संघर्षविराम ढहने की तरफ जा रहा है तो अगर इसका मतलब संघर्ष में उल्लेखनीय इजाफा है तो भी इजराइल को अवश्य पहल करनी चाहिए. संभव न्यूनतम समय में कहानी खत्म करें.’’ लीबरमान ने यह भी कहा कि इस्राइल को तब तक गाजा अभियान बंद नहीं करना चाहिए जब तक फलस्तीनी इस संघर्ष में मारे गए इस्राइली सैनिकों के शव नहीं लौटा देते.

इजराइली विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘अगर दूसरी तरफ के आतंकवादी (हमास नेता) इसे नहीं समझते उन्हें समझना होगा कि उन्हें इसके बदले (इज्जददीन अल कस्साम ब्रिगेड्स के सैन्य कमांडर) मोहम्मद जईफ, (हमास नेता इस्माईल) हनिया और गाजा पट्टी के हमास नेतृत्व के सभी के शव मिलेंगे.’’लीबरमान ने कहा, ‘‘मेरे सहयोगी और मैं सैनिकों के शवों की वापसी के बगैर कोई प्रस्ताव, कोई खाकर स्वीकार नहीं कर सकता.’’ इजराइली विदेश मंत्री ने कहा कि गाजा जंग में युद्ध अपराध की संयुक्त राष्ट्र की जांच में इजराइल कोई सहयोग नहीं करेगा.

कनाडा के अंतरराष्ट्रीय कानूनविद विलियम शाबास पिछले दो माह के दौरान पश्चिमी तट, पूर्व यरुशलम और गाजा में हुए इजराइली हमलों में युद्ध अपराधों के आरोपों की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद जांच की अध्यक्षता करेंगे. इजराइली विदेश मंत्रालय का कहना है कि जांच पैनल के अध्यक्ष के रुप में शाबास की नियुक्ति से साफ है कि इजराइल इस निकाय से इंसाफ की उम्मीद नहीं कर सकता. इस बीच, 72 घंटे के संघर्षविराम की मीयाद बुधवार मध्यरात्रि को खत्म हो रही है और इजराइली और फलस्तीनी पक्षों के बीच ‘‘उल्लेखनीय असहमति’’ बनी हुई है.

प्रमुख असहमति इजराइल और गाजा के बीच सीमा प्रवेशद्वार खोलने पर है और इस पर कि वहां से आवागमन पर कौन निगरानी रखेगा और वहां से किस तरह के सामान गाजा में जाने की इजाजत दी जाएगी. इजराइली दैनिक हारेत्ज की एक रिपोर्ट में एक फलस्तीनी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि हमास गाजा की इस्राइली नाकेबंदी की पूर्ण समाप्ति चाहता है.

खबरों के अनुसार मिस्री मध्यस्थकार एक ऐसा फामरूला खोजने की कोशिश कर रहे हैं जो इस्राइल और हमास दोनों को संतुष्ट करता हो. सूत्र ने कथित रुप से कहा, ‘‘बहस मुख्यत: शब्दों पर है, बुनियादी रुख पर नहीं.’’ बताया जाता है कि हमास ने फलस्तीनी प्रशासन के प्रतिनिधियों को सीमा प्रवेशद्वार के गाजा तरफ वाले हिस्से पर तैनाती की इजाजत देने पर सहमति दे दी है, लेकिन उसने सीमेंट और स्टील जैसी भवन निर्माण सामग्रियों के गाजा में प्रवेश पर रोक टोक खारिज कर दी.

इस्राइली हमले में तबाह इमारतों के पुननिर्माण और मरम्मत के लिए इन भवन निर्माण सामग्रियों की जरुरत है. इजराइल भवन निर्माण सामग्रियों के प्रवेश पर यह कह कर रोक लगाना चाहता है कि हमास इसका इस्तेमाल हमला करने वाली सुरंगों के निर्माण में करेगा.

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