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World Brain Day 2024: आज मनाया जा रहा है विश्व मस्तिष्क दिवस, जानिए इस साल की थीम, इतिहास और महत्व

Updated at : 22 Jul 2024 6:17 AM (IST)
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World Brain Day 2024

World Brain Day 2024

World Brain Day 2024: हर साल 22 जुलाई को विश्व ब्रेन दिवस यानी की मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है. चलिए जानते हैं विश्व ब्रेन दिवस का इतिहास, थीम और महत्व...

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World Brain Day 2024: ब्रेन हमारे शऱीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. ब्रेन हेल्दी रहना बेहद जरूरी है. आज के समय में सबसे अधिक ब्रेन यानी मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों से ग्रसित हैं. इसलिए हर साल 22 जुलाई को विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को मस्तिष्क स्वास्थ्य के प्रति जागरूक का जा सके और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों को रोका जाए. चलिए इस आर्टिकल के जरिए जानते हैं विश्व मस्तिष्क दिवस का इतिहास, थीम और महत्व आदि के बारे में विस्तार से…

विश्व मस्तिष्क दिवस का इतिहास

दरअसल विश्व मस्तिष्क दिवस की शुरुआत साल 2014 में विश्व न्यूरोलॉजी फेडरेशन (World Federation of Neurology – WFN) द्वारा किया गया था. 22 जुलाई 1957 को WFN की स्थापना बेल्जियम में हुई थी. जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बारे में लोगों में जागरूकता और मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है. तभी से हर साल 22 जुलाई को विश्व ब्रेन डे यानी कि विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है. पहली बार विश्व ब्रेन डे 22 जुलाई 2014 को मनाया गया था.

विश्व मस्तिष्क दिवस 2024 थीम

हर साल विश्व मस्तिष्क दिवस की थीम को बदला जाता है. इस बार विश्व ब्रेन डे 2024 की थीम “मस्तिष्क स्वास्थ्य और रोकथाम” है. इस बार विश्व मस्तिष्क दिवस की इस थीम का मतलब न्यूरोलॉजिकल रोगों के जोखिम कारकों को सक्रिय रूप से संबोधित करने, प्रारंभिक पहचान और प्रभावी प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया गया है साथ ही इसे रोकने रणनीतियों पर वैश्विक शिक्षा का प्रसार करने का मिशन भी है. ताकि मस्तिष्क से जुड़ी बीमरियों क बढ़ने से रोका जा सके.

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विश्व मस्तिष्क दिवस का महत्व

अगर आप सोच रहे हैं कि आखिर विश्व मस्तिष्क दिवस का महत्व क्या है तो आपको बता दें कि मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों और स्थितियों के प्रति लोगों को जाकरूक करना है. ताकि लोगों को मस्तिष्क स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दिया जा सके और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के लक्षणों की पहचान करना और समय पर उपचार किया जा सके. क्योंकि आज भी लोग ब्रेन से संबंधित बीमारियों के प्रति बहुत कम जागरूक हैं जिसके कारण यह आगे चलकर एक गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं. जिसमें हर साल लाखों की मौत सिर्फ ब्रेन से संबंधित रोगों के कारण होती है.

बीमारी से बचाव के लिए सरकार, डॉक्टर और समाज सबकी बराबर जिम्मेदारी

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Shweta Pandey

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By Shweta Pandey

Shweta Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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