ePaper

जानें भारतीय सेना में शामिल अन्य लड़ाकू विमानों के बारे में

Updated at : 28 Feb 2019 7:01 AM (IST)
विज्ञापन
जानें भारतीय सेना में शामिल अन्य लड़ाकू विमानों के बारे में

तेजस एलसीए हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस एलसीए (लाईट कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट) लड़ाकू विमान भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है. जुलाई 2016 में पहली बार यह विमान भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया. यह सिंगल सीट, सिंगल इंजन, लाईटवेट सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है. इस विमान में हथियारों को ले जाने के लिए आठ एक्सटर्नल […]

विज्ञापन

तेजस एलसीए

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित तेजस एलसीए (लाईट कॉम्बैट एयरक्रॉफ्ट) लड़ाकू विमान भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है. जुलाई 2016 में पहली बार यह विमान भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया. यह सिंगल सीट, सिंगल इंजन, लाईटवेट सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है. इस विमान में हथियारों को ले जाने के लिए आठ एक्सटर्नल हार्डप्वाइंट्स हैं, जिनमें तीन विमान के प्रत्येक पंख के नीचे, एक विमान के धड़ के बीच में और एक पोर्ट साइड में एयर इंटेक के नीचे स्थित है. इस विमान को हवा से हवा में, हवा से सतह में मार करने वाले मिसाइल और एंटी-शिप मिसाइल, रॉकेट व बम, युद्धक सामान से लैस किया जा सकता है.

मिग-21

मिकोयान-गुरेविच डिजाइन ब्यूरो, सोवियत संघ द्वारा निर्मित मिग-21 एक सुपरसोनिक जेट फाइटर व इंटरसेप्टर विमान है. यह सुपरसोनिक विमान पहली बार 1964 में भारतीय सेना में शामिल हुआ था. वर्ष 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में 21 मिग-21 विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. यह एक लाईटवेट कम दूरी तक मार करने वाला युद्धक विमान है. सिगल सीटर कॉकपीट वाले इस विमान की अधिकतम गति 1300 किली प्रतिघंटा है.

सुखोई सु-30 एमकेआई

सुखोई सु-30 एमकेआई सर्वाधिक उन्नत युद्धक विमान है, जिसे रूस के सुखोई ने डिजाइन किया है. भारतीय वायुसेना के लिए इसका निर्माण हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाता है. रूस निर्मित पहले सुखाई सु-30 विमान पहली बार 2000 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. इस विमान का पहला देसी संस्करण 2004 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. राडार से मिसाइल व बम और इवेंट रॉकेट तक अनेक तरह के उपकरण ले जाने में सक्षम इस विमान की उच्चतम गति 2120 किमी प्रतिघंटा है.

सेपेकैट जगुआर

सेपेकैट जुगआर एक युद्धक विमान है, जिसे ब्रिटेश रॉयल एयर फोर्स और फ्रेंच एयरफोर्स ने मिलकर विकसित किया है. वर्तमान में केवल भारतीय वायुसेना ही इस युद्धक विमान का प्रयोग कर रही है. हालांकि अब यह विमान लाइसेंस एग्रीमेंट के तहत हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा भारत में ही बनाया जा रहा है. हाल ही में हमारी वायुसेना ने जुगआर के समूचे बेड़े को एवियोनिक्स सपोर्ट के साथ अपग्रेड किया है. इस विमान के साथ एक ही समस्या है कि यह ज्यादा भार के साथ ऊंचाई पर उड़ान नहीं भर सकता है.

मिकोयान मिग-29

मिकोयान डिजाइन ब्यूरो, सोवियत संघ द्वारा विकसित किया गया मिग-29 दो इंजन वाला एक युद्धक विमान है. 1,519 मील प्रतिघंटे की गति से उड़ने वाला यह विमान 1,430 किमी, 772 नॉटिकल मील तक मार करने में सक्षम है. इस विमान को निर्यात करनेवाला पहला देश होने के साथ ही भारत मिग-29 का सबसे बड़ा निर्यातक है. वर्तमान में भारतीय वायुसेना इस विमान का उन्नत संस्करण मिग-29 यूपीजी इस्तेमाल कर रही है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola