जानिए क्यों गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त विकल्प है एनआइपीटी टेस्ट
Updated at : 10 Apr 2018 6:10 AM (IST)
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रिसर्च कंपनी मेडजेनोम ने गर्भावस्था में सटीक जांच के लिए नॉन-इनवोसिव प्रीनेटल टेस्टिंग (एनआइपीटी) पेश किया है, जो शिशु के जन्म से काफी पहले डाउन सिंड्रोम जैसी असामान्य क्रोमोसोम संबंधी गड़बड़ियों का पता लगाने का प्रभावी, सटीक और सुरक्षित तरीका साबित होगा. मेडजेनोम के अनुसार एनआइपीटी किसी भी गर्भवती महिला के लिए उपयुक्त विकल्प है […]
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रिसर्च कंपनी मेडजेनोम ने गर्भावस्था में सटीक जांच के लिए नॉन-इनवोसिव प्रीनेटल टेस्टिंग (एनआइपीटी) पेश किया है, जो शिशु के जन्म से काफी पहले डाउन सिंड्रोम जैसी असामान्य क्रोमोसोम संबंधी गड़बड़ियों का पता लगाने का प्रभावी, सटीक और सुरक्षित तरीका साबित होगा. मेडजेनोम के अनुसार एनआइपीटी किसी भी गर्भवती महिला के लिए उपयुक्त विकल्प है और इसे गर्भावस्था के 9वें सप्ताह में ही कराया जा सकता है.
यह टेस्ट शिशु में जेनेटिक गड़बड़ी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इससे अधिक सटीक डिलीवरी तथा शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है. मां की बांह से लिए गये खून के मामूली नमूने से एनआइपीटी स्क्रीनिंग टेस्ट में भ्रूण के कोशिकामुक्त डीएनए का विश्लेषण और क्रोमोसोम संबंधी दिक्कतों की जांच की जाती है.
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