बरसात में टापू बन जाते हैं झारखंड के ये गांव, अस्पताल जाने के लिये केवल खटिया का सहारा
Published by : Surajkumar thakur Updated At : 13 Jun 2020 4:03 PM
विज्ञापन
बरसात में टापू बन जाते हैं झारखंड के ये गांव, अस्पताल जाने के लिये केवल खटिया का सहारा
इन तमाम गांवों में दो समानता है. पहला ये कि यहां कोरवा और असुर जनजाति के लोग रहते हैं. दूसरा ये कि ये सभी गांव विकास से कोसों दूर हैं.
विज्ञापन
गुमला जिला मुख्यालय से 55 किमी की दूरी पर है चैनपुर प्रखंड. चैनपुर प्रखंड से 16 किमी दूर है मालम पंचायत. इसी मालम पंचायत के अतंर्गत आते हैं तिलवारीपाठ, सनईटांगर, गढ़ाटोली, उमादरा, गाटीदरा, कतारीकोना, कोल्हूकोना, गम्हरिया, झलका और सिपरी गांव. इन तमाम गांवों में दो समानता है. पहला ये कि यहां कोरवा और असुर जनजाति के लोग रहते हैं. दूसरा ये कि ये सभी गांव विकास से कोसों दूर हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










