बरसात में टापू बन जाते हैं झारखंड के ये गांव, अस्पताल जाने के लिये केवल खटिया का सहारा

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बरसात में टापू बन जाते हैं झारखंड के ये गांव, अस्पताल जाने के लिये केवल खटिया का सहारा

इन तमाम गांवों में दो समानता है. पहला ये कि यहां कोरवा और असुर जनजाति के लोग रहते हैं. दूसरा ये कि ये सभी गांव विकास से कोसों दूर हैं.

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गुमला जिला मुख्यालय से 55 किमी की दूरी पर है चैनपुर प्रखंड. चैनपुर प्रखंड से 16 किमी दूर है मालम पंचायत. इसी मालम पंचायत के अतंर्गत आते हैं तिलवारीपाठ, सनईटांगर, गढ़ाटोली, उमादरा, गाटीदरा, कतारीकोना, कोल्हूकोना, गम्हरिया, झलका और सिपरी गांव. इन तमाम गांवों में दो समानता है. पहला ये कि यहां कोरवा और असुर जनजाति के लोग रहते हैं. दूसरा ये कि ये सभी गांव विकास से कोसों दूर हैं.

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