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बिहार चुनाव बाद भाजपा विरोधी मोरचा का गठन : नीतीश

Updated at : 23 Oct 2015 11:53 AM (IST)
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बिहार चुनाव बाद भाजपा विरोधी मोरचा का गठन : नीतीश

पटना : महागंठबंधन के नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार चुनाव के बाद केंद्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी मोरचा का गठन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस मोरचा में कांग्रेस समेत अन्य अहम पार्टियां शामिल होगी. नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले पर विचार-विमर्श जारी है. बिहार चुनाव में भाजपा […]

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पटना : महागंठबंधन के नेता एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार चुनाव के बाद केंद्रीय स्तर पर भाजपा विरोधी मोरचा का गठन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि इस मोरचा में कांग्रेस समेत अन्य अहम पार्टियां शामिल होगी. नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले पर विचार-विमर्श जारी है. बिहार चुनाव में भाजपा नीत एनडीए के पराजय के बाद इस पर गंभीरता से कार्य होगा. फिलहाल देशभर की जनता का ध्यान बिहार चुनाव के परिणाम पर टिका हुआ हैं.

एक अंग्रेजी समाचार-पत्र ईटी के साथ बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद भाजपा विरोधी मोरचा के लिए बहुत बड़ा वातावरण बनेगा. देश की आम जनता स्वस्थ्य लोकतंत्र और मजबूत विपक्ष चाह रही हैं. नीतीश कुमार ने कहा कि वे प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण के समर्थक है. उन्होंने कहा कि अगर प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण व्यवस्था को लागू नहीं किया गया तो लोगों को मेनस्ट्रीम में लाना संभव नहीं हो सकेगा. महागंठबंधन के नेता नीतीश कुमार ने भाजपा व आरएसएस पर बिहार में 2013 के बाद से सांप्रदायिक गड़बड़ी फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जदयू के अलग होने के बाद से ही भाजपा की ओर से इसको लेकर की जा रही लगातार कोशिशों को राज्य की प्रशासन द्वारा रोक दिया गया हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि देश की जनता ने बिहार चुनाव के पहले ही आकलन कर लिया है. सभी मान चुके है कि भाजपा राज्य में कोई ताकत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा के काम करने के अपने तरीके हैं. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा हाईप्रोफाइल पब्लिसिटी, मीडिया मैनेजमेंट करके वस्तुस्थिति का लाभ लेने की रणनीति पर काम करने में विश्वास करती हैं. बिहार चुनाव में भाजपा को हार मिलने पर केंद्र सरकार पर पड़ने वाले असर के संबंध में पूछे जाने पर नीतीश कुमार ने कहा कि वे इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं. लेकिन हां ऐसा होने पर लोकतंत्र शायद फिर से जिंदा होने लगे. दादरी हत्याकांड पर पीएम मोदी के बयान के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने कहा था कि प्रधानमंत्री दादरी के एसपी नहीं है. फिर उन्होंने पटना मेंएएसपी पर गोली चलने के मामलों पर चुनावी सभा में जिक्र क्यों किया था. अगर वो दादरी के एसपी नहीं है तो पटना में आइजी क्यों बन रहे थे.

संघ प्रमुख मोहन भागवत की ओर से आरक्षण के संबंध में दिये गये बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में मोहन भागवत ईमानदार है और उन्होंने संघ की विचारधारा को सार्वजनिक कर दिया. वहीं, भाजपा इस मामले में जनता के विचारों के साथ खिलवाड़ कर रही हैं. इसके साथ ही एनडीए की ओर से बिहार में फिर से जंगलराज लाने की बात को सिरे से खारिज करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कभी भी कानून व्यवस्था के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते हैं.

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