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इमरान ख़ान ने फिर RSS-BJP की तुलना हिटलर की नाज़ी पार्टी से की

Updated at : 23 Jan 2020 10:55 PM (IST)
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इमरान ख़ान ने फिर RSS-BJP की तुलना हिटलर की नाज़ी पार्टी से की

<figure> <img alt="Imran Khan" src="https://c.files.bbci.co.uk/2F64/production/_110623121_73fea4b6-e9c6-4819-ac5c-d37cf2a8a92b.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर कहा है कि ‘भारत की मौजूदा सरकार एक ऐसी संस्था की विचारधारा से चल रही है जिसकी प्रेरणा हिटलर की नाज़ी पार्टी रही है’.</p><p>इमरान ख़ान ने दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में बीबीसी संवाददाता मिशाल हुसैन के साथ एक ख़ास […]

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<figure> <img alt="Imran Khan" src="https://c.files.bbci.co.uk/2F64/production/_110623121_73fea4b6-e9c6-4819-ac5c-d37cf2a8a92b.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर कहा है कि ‘भारत की मौजूदा सरकार एक ऐसी संस्था की विचारधारा से चल रही है जिसकी प्रेरणा हिटलर की नाज़ी पार्टी रही है’.</p><p>इमरान ख़ान ने दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में बीबीसी संवाददाता मिशाल हुसैन के साथ एक ख़ास इंटरव्यू में ये बात कही.</p><p>पढ़िए इंटरव्यू में उन्होंने और क्या-क्या कहा:</p><p><strong>सवालः </strong>आपने पिछले साल अगस्त में कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के वक़्त भारत सरकार की तुलना नाज़ियों से करते हुए कहा था कि क्या दुनिया चुपचाप वैसे ही सब देखती रहेगी जैसा कि उन्होंने म्यूनिख़ में हिटलर के समय किया था. क्या आप सही में ये तुलना कर रहे थे?</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>बिल्कुल. भारत का शासन अभी एक अतिवादी विचारधारा से चल रहा है जिसका नाम आरएसएस है. 1925 में जब आरएसएस का जन्म हुआ था तो उसकी प्रेरणास्रोत नाज़ी पार्टी थी.</p><hr /><p><strong>सवालः </strong>और ये संस्था वही है जिसे प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी बीजेपी की पूर्ववर्ती कहा जा सकता है.</p><p><strong>इमरान ख़ानः</strong> जी, और जिसके मोदी आजीवन सदस्य भी हैं.</p><p><a href="https://www.facebook.com/BBCnewsHindi/videos/220363035635676/">https://www.facebook.com/BBCnewsHindi/videos/220363035635676/</a></p><p><strong>सवालः </strong>पर भारत में अभी तो वैसा नहीं दिख रहा. देश भर में विरोध हो रहे हैं. मुसलमान लोग हैं जो कह रहे हैं कि उनकी पहचान ख़तरे हैं. ऐसे में नाज़ियों से तुलना करना अतिशयोक्ति ही नहीं बल्कि अपमानजनक लगेगा.</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>आपको बस ये करना है कि आप जाकर पढ़े कि आरएसएस के संस्थापकों ने क्या कहा था. कश्मीर में जो हो रहा है वो चौंकाने वाला है. 80 लाख लोग पाँच महीने से भी ज़्यादा वक़्त से ख़ुली जेल में क़ैद हैं.</p><hr /><p><strong>सवालः</strong> तो आगे रास्ता क्या है? क्या आपको उम्मीद है कि राष्ट्रपति ट्रंप इसमें दख़ल देंगे, किसी तरह की कोई भूमिका निभाएँगे. भारत तो अपने घरेलू मामलों में किसी भी तरह के हस्तक्षेप पर हमेशा एतराज़ करता है?</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>अगर संयुक्त राष्ट्र या अमरीका जैसी कोई शक्ति इसमें दख़ल नहीं देगी तो ये मुद्दा कैसे सुलझेगा? और क्या रास्ता है?</p><p><strong>सवालः </strong>क्या राष्ट्रपति ट्रंप ने आपसे कहा कि वे क्या करना चाहते हैं?</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>राष्ट्रपति ट्रंप ने मुझसे कहा कि वे कोशिश करेंगे, यानी वे भारत सरकार से बात करने की कोशिश करेंगे. देखिए, मेरी नज़र में समस्या ये है कि ये मुद्दा और गंभीर होगा. दुर्भाग्य से, आज जो हालत हैं, अगर यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र, अमरीका किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करते, तो मुझे लगता है हालात बद से बदतर होते जाएँगे.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-50918957?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">इमरान ख़ान: RSS मुसलमानों का नरसंहार करे उससे पहले अंतरराष्ट्रीय जगत को जग जाना चाहिए</a></li> </ul> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-51218905?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">भारत ने कश्मीर पर ट्रंप की पेशकश ठुकराई</a></li> </ul><figure> <img alt="इमरान ख़ान और डोनल्ड ट्रंप" src="https://c.files.bbci.co.uk/13CEC/production/_110623118_f74f221a-5fd6-4e74-b1f2-d16a507f7071.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><h3>ईरान के साथ जारी तनाव पर चिंता</h3><p><strong>इमरान ख़ानः</strong> जो बात मुझे चिंतित करती है वो ये है कि हमने अभी किसी तरह अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर किया है. हम एक बेहद ख़राब दौर से गुज़रे हैं. और अगर अभी किसी तरह की लड़ाई होती है, तो तेल की क़ीमतें बढ़ेंगी और उसका असर केवल पाकिस्तान ही नहीं, बहुत सारी विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा.</p><p><strong>सवालः </strong>और आपने राष्ट्रपति ट्रंप से इस पर चर्चा की?</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>हाँ. मैंने कहा कि तेल की कीमतें बढ़ने का असर विकासशील देशों पर पड़ेगा. और इसका कोई मतलब नहीं है. अमरीका 19 साल से पाकिस्तान में फँसा हुआ है. क्या इस क्षेत्र में हम एक और लड़ाई की क़ीमत चुकाने के लिए तैयार हैं?</p><p><strong>सवालः </strong>आपको लगा वो आपकी बात सुन रहे थे?</p><p><strong>इमरान ख़ानः </strong>मुझे पता नहीं. मैंने अपना पक्ष रखा. मुझे उम्मीद है राष्ट्रपति ट्रंप के भी अपने सलाहकार होंगे.</p><p><a href="https://www.youtube.com/watch?v=cgJNvOSr7ok">https://www.youtube.com/watch?v=cgJNvOSr7ok</a></p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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