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हमें बचाना अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी है: कुर्द लड़ाके

Updated at : 13 Oct 2019 2:54 PM (IST)
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हमें बचाना अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी है: कुर्द लड़ाके

<figure> <img alt="उत्तरी सीरिया पर हमला" src="https://c.files.bbci.co.uk/71B7/production/_109211192_aeeb8215-a108-4a42-9f10-00ff5d4e52f0.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>उत्तरी सीरिया में तुर्की के हमलों का सामना कर रहे कुर्द लड़ाकों ने कहा है कि उनकी मदद करना अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी है. उन्होंने अमरीका पर सुरक्षा देने का वादा करने के बावजूद उन्हें अकेला छोड़ने का आरोप लगाया है. </p><p>सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ […]

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<figure> <img alt="उत्तरी सीरिया पर हमला" src="https://c.files.bbci.co.uk/71B7/production/_109211192_aeeb8215-a108-4a42-9f10-00ff5d4e52f0.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><p>उत्तरी सीरिया में तुर्की के हमलों का सामना कर रहे कुर्द लड़ाकों ने कहा है कि उनकी मदद करना अमरीका की नैतिक ज़िम्मेदारी है. उन्होंने अमरीका पर सुरक्षा देने का वादा करने के बावजूद उन्हें अकेला छोड़ने का आरोप लगाया है. </p><p>सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज़ के प्रवक्ता रेदुर खलिल ने कहा कि कुर्दों ने ईमानदारी बरती लेकिन सहयोगियों ने उन्हें निराश किया है.</p><p>रेदुर खलिल ने कहा, ”आईएसआईएस के ख़िलाफ़ लड़ाई के दौरान हमारे साथ कई सहयोगी थे. हम उनके साथ पूरी मजबूती और ईमानदारी के साथ लड़ते रहे जो कि हमारी संस्कृति और परंपरा में बसा हुआ है. लेकिन हमारे सहयोगियों ने अचानक बिना किसी चेतावनी के हमें अकेला छोड़ दिया. ये कदम बेहद निराशाजनक और पीठ में छुरा घोंपने जैसा है.” </p><p>रेदुर खलिल ने अमरीका से ये भी मांग की है कि वो इलाक़े के हवाई क्षेत्र को तुर्की के सैन्य विमानों के लिए बंद कर दे. </p><p>उन्होंने कहा कि कुर्द अपने सहयोगियों से उनकी ज़िम्मेदारी और नैतिक दायित्वों को निभाने की मांग करते हैं.</p><figure> <img alt="फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों" src="https://c.files.bbci.co.uk/15C17/production/_109211198_412583c9-81ae-47f2-827d-53a77ac88918.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>फ्रांस ने उठाया कदम </h1><p>फ्रांस ने तुर्की के सैन्य हमले के विरोध में अपने नैटो सहयोगी तुर्की के साथ हथियारों के निर्यात को रोक दिया है.</p><p>फ्रांस के विदेश और रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सैन्य अभियान में इस्तेमाल होने वाले हर हथियार पर ये बात लागू होगी.</p><p>इससे पहले जर्मनी ने कहा था कि वह तुर्की को हथियारों की बिक्री में कटौती कर रहा है.</p><p>अगले हफ़्ते होने वाले यूरोपीय संघ सम्मेलन में तुर्की के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों पर चर्चा की जाएगी. ये सम्मेलन सोमवार को होगा जिसके बाद सामूहिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया आने की संभावना है.</p><p>विरोध के बावजूद उत्तरी सीरिया के सीमावर्ती इलाक़े रस-अलेन में लड़ाई जारी रही.</p><figure> <img alt="तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन" src="https://c.files.bbci.co.uk/1A37/production/_109211760_074896d0-93cb-4812-8942-64c7c529e8ad.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप्प अर्दोआन ने शनिवार को सैन्य अभियान रोकने से साफ़ इनकार कर दिया था. </p><p>उन्होंने इस्तांबुल में एक भाषण के दौरान था कि वो कुर्द लड़ाकों के ख़िलाफ़ शुरू की गई लड़ाई नहीं रोकेंगे. उन पर ऐसा करने के लिए दबाव है लेकिन उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता. </p><p>तुर्की लगातार सैन्य कार्रवाई का बचाव करता आ रहा है. उसका कहना है कि वो कुर्द लड़ाकों को हटाकर एक ‘सेफ़-ज़ोन’ तैयार करना चाहता है जिसमें लाखों सीरियाई शरणार्थी रह सकेंगे.</p><p>तुर्की ने ये भी दावा किया है कि सुरक्षा बलों और सहयोगी सीरियाई विद्रोहियों ने रस-अलेन शहर को अपने कब्ज़े में ले लिया है. </p><p>सीरियाई विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने सीमा से 30 किमी. तक की सड़क को बंद कर दिया है. इस इलाक़े में कई दिनों से तुर्की के विमान हवाई हमले कर रहे थे.</p><p><strong>मानवीय संकट</strong></p><figure> <img alt="उत्तरी सीरिया में विस्थापित लोग" src="https://c.files.bbci.co.uk/6857/production/_109211762_912e8a0a-bbb3-4a20-86e7-ec11dd71988e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><p>इन हमलों के कारण उत्तरी सीरिया में मानवीय संकट भी पैदा हो गया है. इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस के प्रवक्ता रूथ हैदरिंगटन ने बीबीसी को बताया कि लोग अपना घर छोड़कर जाने को मजबूर हैं और हालात दिन पर दिन खराब हो रहे हैं. </p><p>रूथ हैदरिंगटन ने कहा, ”लाखों लोग अपना घर-गांव छोड़कर चले गए हैं. इसका मतलब है कि या तो वो रास्ते पर हैं या आपातकालीन शिविरों में या शिविर ढूंढ रहे हैं. हमारे पास सटीक आंकड़े नहीं हैं क्योंकि स्थितियां लगातार बदल रही हैं. लेकिन हमें लगता है कि तीन लाख से ज़्यादा लोग यहां विस्थापित हो सकते हैं.” </p><p>संयुक्त राष्ट्र ने भी उत्तरी सीरिया में हमलों की वजह से लोगों के विस्थापित होने पर चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक अब तक करीब एक लाख लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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