इमरान ख़ान के चीन दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा क्या है

Updated at : 09 Oct 2019 10:53 PM (IST)
विज्ञापन
इमरान ख़ान के चीन दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा क्या है

<figure> <img alt="इमरान खान" src="https://c.files.bbci.co.uk/E82C/production/_109163495_636d46d3-9402-4c24-89b6-3be6671d2c05.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>लगभग 14 महीने पहले प्रधानमंत्री बने इमरान ख़ान तीसरी बार चीन के दौरे पर मंगलवार को बीजिंग पहुंचे. चीन की राजधानी पहुंचने से पहले कुछ घंटे पहले पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने ट्विटर पर बताया कि चीन के सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा चीनी सैन्य […]

विज्ञापन

<figure> <img alt="इमरान खान" src="https://c.files.bbci.co.uk/E82C/production/_109163495_636d46d3-9402-4c24-89b6-3be6671d2c05.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>लगभग 14 महीने पहले प्रधानमंत्री बने इमरान ख़ान तीसरी बार चीन के दौरे पर मंगलवार को बीजिंग पहुंचे. चीन की राजधानी पहुंचने से पहले कुछ घंटे पहले पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने ट्विटर पर बताया कि चीन के सेना प्रमुख क़मर जावेद बाजवा चीनी सैन्य नेतृत्व के साथ बैठक करने पहुंचे हैं. ट्वीट में लिखा गया कि इमरान ख़ान के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली केक़ियांग की बैठक में बाजवा भी शामिल होंगे.</p><p>पाकिस्तान और चीन अपनी दोस्ती को हिमालय से भी मजबूत और शहद से भी मीठा बताते रहे हैं.</p><p>हालांकि, पाकिस्तानी नेतृत्व का यह दौरा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले हुआ है. उधर भारत प्रशासित कश्मीर में 5 अगस्त से भारत सरकार की लगाई पाबंदियों के दो महीने पूरे हो चुके हैं लिहाजा विश्लेषक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इमरान के इस दौरे में बहुत दिलचस्पी ले रहे हैं..</p><p>बीबीसी से बातचीत में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग, ख़ासकर चीन-पाकिस्तान के बीच आर्थिक गलियारे पर दूसरे चरण की बातचीत इस दौरे का सबसे बड़ा एजेंडा है.</p><p>हालांकि, उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान सभी मसलों पर एक दूसरे से सहयोग करते हैं, जिसमें द्विपक्षीय समेत सभी वैश्विक मुद्दे भी हैं, लिहाजा इस दौरे को एक निरंतर चली आ रही प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए, ख़ासकर चीन के राष्ट्रपति के भारत दौरे से पहले.</p><p>क़ुरैशी ने कहा, &quot;भारत जाने से पहले राष्ट्रपति शी जिनपिंग पाकिस्तान से सलाह लेना चाहते हैं, वे पाकिस्तान के नज़रिए से पूरी तरह वाकिफ़ होना चाहते हैं.&quot;</p><p>पाकिस्तान के विदेश मंत्री का मानना है कि इस तरह के मुद्दों पर बाचतीत हो सकती है जिससे राष्ट्रपति जिनपिंग को भारत जाने से पहले पाकिस्तान की स्थिति का भलीभांति ज्ञान हो. उनका इशारा कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त किए जाने के बाद से ताज़ा राजनीतिक माहौल और सैन्य झड़पों की तरफ था.</p><p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से जारी इस दौरे के विस्तृत ब्योरे के अनुसार प्रधानमंत्री इमरान ख़ान अपने तीन दिवसीय इस दौरे के दौरान आर्थिक सहयोग के कई समझौते और मसौदे पर हस्ताक्षर करेंगे.</p><p>आधिकारिक बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान ख़ान 5 अगस्त 2019 के बाद से भारतीय प्रशासित कश्मीर में पैदा हुए शांति और सुरक्षा के मुद्दे से जुड़ी स्थिति समेत क्षेत्रीय विकास पर विचारों का आदान प्रदान करेंगे.</p><h3>राजनीतिक और कूटनीतिक महत्व</h3><figure> <img alt="इमरान खान" src="https://c.files.bbci.co.uk/1846C/production/_109163499_f8b52901-f134-43b9-bcd3-5e4c03f29e13.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>पाकिस्तान चीन इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष, मुशाहिद हुसैन सैय्यद का मानना ​​है कि राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से इमरान ख़ान का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है.</p><p>वे कहते हैं, &quot;जिस तरह 5 अगस्त के बाद से चीन ने पाकिस्तान की स्थिति का समर्थन किया है, इस दौरे का ख़ास उद्देश्य राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से पहले पाकिस्तान और चीन के बीच राजनीतिक और रणनीतिक समन्वय बनाना है.&quot;</p><p>मुशाहिद हुसैन सैय्यद ने बताया, &quot;हमें चीन के समन्वय में कश्मीर पर अपनी रणनीति बनाने की ज़रूरत है क्योंकि इस विवाद में चीन भी एक पक्ष है. भारत ने अवैध तरीके से लद्दाख में चीन की ज़मीन पर कब्जा कर रखा है और इस क्षेत्र को नए केंद्र शासित प्रदेश में शामिल किया गया है. लिहाजा चीन और पाकिस्तान का नेतृत्व एक रणनीतिक सोच को लेकर एक साथ इस मुद्दे पर आगे बढ़ेगा.&quot; </p><h3>चीन कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं!</h3><p>हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञ डॉ. नज़ीर अहमद के अनुसार &quot;शिनजियांग और हांगकांग के रिकॉर्ड को देखते हुए साफ़ है कि चीन इस स्थिति में नहीं है कि वो 5 अगस्त को कश्मीर से हटाए गए अनुच्छेद 370 की बहाली या फिर कर्फ़्यू को हटाने को लेकर अभी भारत पर दबाव बना सके.&quot;</p><p>वे कहते हैं, &quot;किसी भी दो देशों के द्विपक्षीय रिश्ते की स्थिति को कोई तीसरा देश निर्धारित नहीं कर सकता. चीन का भारत के साथ राजनीतिक और आर्थिक संबंध है. भारत के साथ उसके 120 अरब डॉलर के व्यापार हैं लिहाजा ये बातें बहुत मायने रखती हैं.&quot;</p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49957758?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">इमरान ख़ान की कोशिश को FATF से झटका</a></p><h3>लद्दाख पर चीन भारत से नाखुश क्यों?</h3><figure> <img alt="इमरान खान" src="https://c.files.bbci.co.uk/2928/production/_109163501_133aac71-0a5b-4c53-8725-d729a8bfc65e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>हालांकि डॉ. नज़ीर मानते हैं कि कश्मीर में भारत की कार्रवाई से चीन को भी तल्खी ज़रूर हुई है. वे लद्दाख में बनाई जा रही हवाई पट्टी और उसके तह में छिपी बातों पर आई एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हैं.</p><p>चीन इस विवादित क्षेत्र में हो रही कार्रवाइयों से खुश नहीं है. इसलिए शी जिनपिंग अपने भारत दौरे का उपयोग इस बाबत चीज़ों को बेहतर बनाने में कर सकते हैं. लेकिन समस्या यह है कि भारत ने इस पर कदम उठा लिए हैं और वो इस पर अड़ा हुआ है.&quot;</p><p>विश्लेषक कहते हैं कि जिनपिंग के भारत दौरे से ठीक पहले इमरान ख़ान और जनरल बाजवा का यह दौरा मोदी के साथ उनकी होने वाली बातचीत पर अपने असर डालेगा लेकिन पाकिस्तान वास्तविकता में इससे कुछ हासिल नहीं कर सकेगा. शी जिनपिंग का समर्थन महज बयानों तक ही सीमित रहेगा, वे अपने देश की रणनीति को ही तरजीह देंगे और भारत के दौरे में अपने देशहित को ही सबसे आगे रखेंगे.</p><p>कुछ हद तक पाकिस्तान भी इससे ज़्यादा कुछ उम्मीदें नहीं करता है और उसे पता है कि कूटनीतिक दिखावे और राजनीतिक दृष्टि से इसका कितना महत्व है.</p><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49872241?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">चीन की 70वीं वर्षगांठ से पहले मुश्किलों से घिरे हैं शी जिनपिंग</a></p><h3>आर्थिक गलियारे से जुड़ेगा अफ़ग़ानिस्तान?</h3><p>पाकिस्तान की बीमार अर्थव्यवस्था के लिए चीन के साथ आर्थिक सहयोग कितना महत्वपूर्ण है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान द्विपक्षीय व्यापार, वाणिज्यिक और निवेश साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए चीनी व्यापार और कॉर्पोरेट सेक्टर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाक़ात करेंगे.</p><p>इसके अलावा, प्रधानमंत्री इमरान ख़ान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) परियोजनाओं की गति को बढ़ाने के लिए सरकार के हालिया ऐतिहासिक फ़ैसलों से चीनी नेतृत्व को अवगत कराएंगे.</p><figure> <img alt="शी जिनपिंग" src="https://c.files.bbci.co.uk/8EB8/production/_109163563_f2b7dbe8-e622-414f-a76a-ad7ad716102a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>सैय्यद कहते हैं कि इस दौरे पर चीन-पाकिस्तान के आर्थिक गलियारे के विस्तार पर भी चर्चा की जाएगी.</p><p>वे कहते हैं, &quot;अब वो अफ़ग़ानिस्तान को भी इस आर्थिक गलियारे में बतौर नया सदस्य जोड़ना चाहते हैं. इसलिए पेशावर को काबुल से जोड़ने के लिए एक परियोजना पर भी इस दौरे में विचार किया जाएगा.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49982347?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">इमरान ख़ान की शी जिनपिंग बनने की चाहत</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-49956227?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">इमरान ख़ान चीन रवाना तो शी जिनपिंग आएंगे भारत</a></li> </ul><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola