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अतीत को जानने में है आपकी रूचि तो इतिहास है बेहतर करियर ऑप्शन, इन संस्थानों में लें दाखिला

Updated at : 23 Jul 2019 8:21 AM (IST)
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अतीत को जानने में है आपकी रूचि तो इतिहास है बेहतर करियर ऑप्शन, इन संस्थानों में लें दाखिला

नयी दिल्ली: अगर आपकी रूचि इतिहास में है और अतीत की गहराई में जाकर कुछ रोमांचकारी सच्चाइयों से रूबरू होना चाहते हैं तो आप इसका चयन करियर के तौर पर कर सकते हैं. इतिहास से हमें हर काल से जुड़े राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है. आर्टस में बारहवीं के बाद आप इतिहास […]

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नयी दिल्ली: अगर आपकी रूचि इतिहास में है और अतीत की गहराई में जाकर कुछ रोमांचकारी सच्चाइयों से रूबरू होना चाहते हैं तो आप इसका चयन करियर के तौर पर कर सकते हैं. इतिहास से हमें हर काल से जुड़े राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी मिलती है. आर्टस में बारहवीं के बाद आप इतिहास संंबंधित विषयों में स्नातक कर सकते हैं.

आर्टस विषयों के साथ बारहवीं करने के बाद देश के बहुत सारे संस्थान इतिहास में स्नातक की सुविधा देते हैं. इच्छुक छात्र बीए इन हिस्ट्री, प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन इतिहास, आधुनिक इतिहास (बीए ऑनर्स) जैसे पाठ्यक्रमों का हिस्सा बन सकते हैं. ग्रेजुएशन के बाद छात्र पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी भी कर सकते हैं. प्रारंभिक तौर पर शोध और अध्यापन इतिहास विषय के अंतर्गत बढ़िया ऑप्शन होगा. आप पीएचडी के बाद यूजीसी द्वारा आयोजित नेट जेआरएफ की परीक्षा पास करके किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य कर सकते हैं या फिर सीटेट/टेट की परीक्षा पास करके स्कूलों में बतौर पीजीटी या टीजीटी शिक्षक योगदान दे सकते हैं.

इतिहास के इन पाठ्यक्रमों का बनें हिस्सा

यदि छात्र इतिहास के विषय में और गहराई से जानना चाहते हैं और इससे संबंधित शोध कार्यों का हिस्सा बनना चाहते हैं तो वे ऑर्कियोलॉजी, म्युजोलॉजी और आर्काइवल स्टडीज में विशेज्ञता हासिल कर सकते हैं. जो लोग उच्च शिक्षा हासिल करना चाहते हैं वो ग्रेजुएशन के बाद एमए इन इतिहास, प्राचीन इतिहास, जैसे कोर्स कर सकते हैं.

इतिहास की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र सरकारी और निजी दोनों तरह की नौकरियां शुरू कर सकते हैं. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, सेना, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आदि में अपना करियर शुरू कर सकते हैं. यदि आपकी रूचि एंटिक वस्तुओ में हैं तो आप एतिहासिक ऑक्सन हाउस में सेल्स, नीलामी कर्ता और शोध कर्ता जैसे कार्य भी कर सकते हैं. इतिहास के बाद अध्यापन, पत्रकारिता, म्यूजियम, लाईब्रेरी, क्यूरेटर, आर्काइव्स, हिस्टोरिक सोसाइटीज और इंटरनेशनल आर्गनाइजेशन जैसी जगहों पर भी करियर बना सकते हैं.

यदि किसी को दुर्लभ जगहों, पुरातन वस्तुओं और इनपर शोध में रूचि है तो वे पुरातत्व विभाग में काम कर सकते हैं. भारतीय पुरातत्व विभाग इसके लिये सबसे बेहतर जगह साबित होगी.

यहां संवार सकते हैं आप अपना करियर

अब देश के सभी विश्वविद्यालयों में इतिहास में बीए, एमए, और पीएचडी की सुविधा उपलब्ध है. ऑर्कियोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स की सुविधा भी उपलब्ध है. इस कोर्स को करने के बाद आप भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, नई दिल्ली और राज्यों में स्थित इसके क्षेत्रिय केंद्र, विभिन्न संग्रहालय, विदेश मंत्रालय का हिस्टोरिक विभाग, शिक्षा मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, फिल्म डिविजन, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिक रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अपना करियर चमका सकते हैं.

कोर्स पूरा करने के बाद छात्र 2 से 3 लाख रुपये तक सलाना कमा सकते हैं. जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता जायेगा तो इनकम में भी इजाफा होता जायेगा. अगर आप किसी सरकारी संस्थान में शिक्षक बनते हैं, रिसर्च करते हैं या फिर प्रोफेसर बनते हैं तो इनकम और भी ज्यादा हो सकती है.

प्रमुख संस्थान जहां होती है इतिहास की पढ़ाई

  • दिल्ली विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली
  • बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली
  • पटना विश्वविद्यालय, पटना
  • लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
  • इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नयी दिल्ली
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