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चुनावी रंग में रंगा देश, ट्रेन में भी चुनावी चर्चा, किस पार्टी को मिलेगी जीत ...

Updated at : 25 Apr 2019 3:38 PM (IST)
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चुनावी रंग में रंगा देश, ट्रेन में भी चुनावी चर्चा, किस पार्टी को मिलेगी जीत ...

नयी दिल्ली : देश में चुनावी चर्चाओं का बाजार हर तरफ गर्म है . हर चौराहे, नुक्कड़ और गलियों में बस चुनाव, चुनाव और चुनाव की ही चर्चा है. देश की धमनियां कही जाने वाली रेलगाड़ियां भी इससे अछूती नहीं हैं. ट्रेनों में सफर कर रहे मुसाफिर भी इसी बात पर चर्चा करते दिखते हैं […]

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नयी दिल्ली : देश में चुनावी चर्चाओं का बाजार हर तरफ गर्म है . हर चौराहे, नुक्कड़ और गलियों में बस चुनाव, चुनाव और चुनाव की ही चर्चा है. देश की धमनियां कही जाने वाली रेलगाड़ियां भी इससे अछूती नहीं हैं. ट्रेनों में सफर कर रहे मुसाफिर भी इसी बात पर चर्चा करते दिखते हैं कि चुनाव में कौन सी पार्टी बाजी मारेगी और किसकी गाड़ी बैठ जायेगी या फिर जोड़तोड़ करके नया समीकरण कैसे बनेगा.

दिल्ली से छिंडवाड़ा जाने वाली पातालकोट एक्सप्रेस के यात्री भी इन्हीं राजनीतिक बहस में उलझते दिखे. इस ट्रेन के चाहे प्रथम श्रेणी के डिब्बे हों या फिर दूसरी श्रेणी के, चाहे पहली बार वोट देने वाले हों या फिर पुराने जानकार, सभी की जुबां पर एक ही चर्चा है- और वह है चुनावी बातें. वे लोग कभी दोस्ताना ढंग से तो कभी उग्र होकर तो कभी विनम्रता से तो कभी व्यंग्य में कटाक्ष करते चुनावी बहस करते दिखते हैं. इस ट्रेन में अधिकतर यात्री मध्य प्रदेश के हैं और वे दिल्ली, आगरा, ग्वालियर और भोपाल तक की अक्सर यात्रा करते हैं. मध्य प्रदेश से लोकसभा की 29 सीटें हैं.

एक मुसाफिर और वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव सिंह ने कहा, ‘‘जब भी दिल्ली में सरकार के गठन की बात आती है तो मध्य प्रदेश बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है. हम 29 सांसद भेजते हैं और मुझे लगता है कि मतदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों और राज्य में नवंबर में हुये विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आयी कांग्रेस के कामों से तुलना कर रहे हैं.’ मध्य प्रदेश में 29 अप्रैल से चार चरण में चुनाव होने हैं. यहां से भाजपा के 26 और कांग्रेस के तीन सदस्य हैं. एक अन्य यात्री आकाश प्रधान ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राकांपा, शिवसेना और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों को राज्य में बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि राज्य में मुख्य लड़ाई दो दलों (कांग्रेस और भाजपा) के बीच है.’ पहली बार वोट देने जा रहीं 21 साल की रितुजा जैन ने कहा, ‘‘मैंने मोदी के पांच साल का काम देखा है.

पर अभी तक मैंने कोई फैसला नहीं किया है.’ कुल 15 बोगियों वाली यह ट्रेन रोजाना दिल्ली से चलती है और ग्वालियर, बीना (सागर), विदिशा, भोपाल, इटारसी और बैतूल से गुजरती है. यह उत्तर प्रदेश में चार स्टेशनों पर ठहरती है. छिंडवाड़ा जा रहे एक अन्य यात्री अजय कुमार ने कहा, ‘‘बदलाव बेहतर है. मुझे मेरे दोस्तों और परिवार के लोगों ने बताया है कि इस बार भाजपा कुछ सीटों पर हार रही है क्योंकि लोग मोदी सरकार से संतुष्ट नहीं हैं.’ उसने आगे कहा, ‘‘लेकिन, वे यह भी पक्के नहीं हैं कि क्या कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी या फिर ‘महागठबंधन’ के नेता कुछ कर सकेंगे.’

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