चीन ने बनाया ऐसा विमान, जो जमीन व पानी दोनों से भरेगा उड़ान

Updated at : 23 Oct 2018 8:04 AM (IST)
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चीन ने बनाया ऐसा विमान, जो जमीन व पानी दोनों से भरेगा उड़ान

नेशनल कंटेंट सेल चीन ने अपने स्वदेशी एंफीबियस विमान एजी 600 की पहली उड़ान पूरी कर ली है. एम्फीबियस (उभयचर) विमान पानी और जमीन दोनों जगह से उड़ान भरने और दोनों ही जगहों पर उतरने में सक्षम होता है. चीन का दावा है कि यह विश्व का सबसे बड़ा एंफीबियस विमान है. चीन की सरकारी […]

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नेशनल कंटेंट सेल

चीन ने अपने स्वदेशी एंफीबियस विमान एजी 600 की पहली उड़ान पूरी कर ली है. एम्फीबियस (उभयचर) विमान पानी और जमीन दोनों जगह से उड़ान भरने और दोनों ही जगहों पर उतरने में सक्षम होता है. चीन का दावा है कि यह विश्व का सबसे बड़ा एंफीबियस विमान है. चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन ऑफ चाइना (एवीआईसी) द्वारा निर्मित विमान ने हुबेई प्रांत के जिंगमेन में झांगहे जलाशय से उड़ा भरी थी और यह लगभग 15 मिनट तक हवा में रहा. विमान को चार क्रू मेंबर चला रहे थे. इस विमान का निक नेम ‘कुनलोंग’ है. एजी600 ने अपनी पहली उड़ान दिसंबर, 2017 में झुनहेई से शुरू की थी.

निक नेम: कुनलोंग

500 किमी प्रति घंटा की है अधिकतम रफ्तार

145 किमी प्रति घंटा की स्पीड है पानी में

12 घंटों तक लगातार उड़ान भरने की क्षमता

50 लोगों को एकबार में ले जा सकता है

20 सेकेंड्स में 12 टन पानी ढो सकता है आग बुझाने के लिए

17 एंफीबियस का ऑर्डर
चीन रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में एक बार फिर अपना सिक्का जमाने जा रहा है. कंपनी के एक सूत्र ने बताया कि कंपनी को अभी तक 17 ऐसे विमान बनाने का ऑर्डर मिल चुका है. इन विमानों का इस्तेमाल चीन अपनी समुद्री सीमाओं की निगरानी में करेगा.

दक्षिण चीन सागर में होगी तैनाती

दक्षिण चीन सागर में अपने दावों की रक्षा करने के लिए चीन विवादित सागर में हमेशा कोई न कोई कार्रवाई करता रहता है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी इसको लेकर चिंता है. अब, चीन ने अपने एंफीबियस एजी600 को भी इस क्षेत्र में तैनात करने की बात कही है. चीन ने कहा है कि वह विवादित क्षेत्र में वह सब कर सकता है जो वह अपनी जमीन पर करता है.

विमान की लंबाई बोइंग 737 के बराबर
इस विमान की खासियत यह भी है कि यह 12 घंटे तक लगातार या फिर 4500 किलोमीटर की लगातार उड़ान भर सकता है. समुद्र में बचाव के दौरान यह विमान अहम भूमिका निभा सकता है. जंगलों की आग बुझाने, समुद्री सीमाओं की निगरानी में भी यह कारगर है. विमान के परिक्षण की शुरुआत पिछले वर्ष दिसंबर में हुई थी. इसके बाद से एक के बाद इसके कई चरण के परीक्षण हो चुका है आठ टेक्सिंग टेस्‍ट भी हुए जिसमें इससे 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लेकर 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक उड़ाकर पानी का छिड़काव किया गया था. इस विमान की लंबाई करीब 37 मीटर है जो लगभग बोइंग 737 के ही बराबर है.

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