प्रकृति पूजा और भाई बहन के बीच अटूट बंधन का प्रतीक है करमा पर्व
Updated at : 28 Aug 2020 10:39 AM (IST)
विज्ञापन

इस साल करमा पर्व 29 अगस्त को मनाया जा रहा है. करमा पर्व आदिवासियों और प्रकृति के बीच अटूट संबंध का प्रतीक है. करमा पूजा प्रकृति को पूजने की ही परंपरा है. इस समय खेतों में फसल लहलहा जाती है. बीज अंकुरित होते हैं. चारों तरफ हरियाली होती है. इसी हरियाली का उत्सव मनाने का पर्व है करमा. झारखंड में करमा पर्व मुख्य रूप से मुंडा, उरांव और संताल आदिवासियों में प्रचलित है. आमतौर पर करमा पूजा कुंवारी लड़कियों द्वारा किया जाता है.
विज्ञापन
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन
जरूर पढ़ें