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West Bengal Politics: बंगाल चुनाव 2026 की डुगडुगी बजने से पहले ही राजनीतिक दलों के बीच गहमागहमी तेज हो गयी है. तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच जोरदार ‘जंग’ छिड़ गयी है. दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. खास बात यह है कि दोनों पक्षों से लोकतंत्र की बात हो रही है. ममता बनर्जी ने दिल्ली में अमित शाह के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को जबरन हटाये जाने को अलोकतांत्रिक करार दिया है, तो कोलकाता में ईडी की कार्रवाई के दौरान बंगाल की मुख्यमंत्री के द्वारा जबरन कुछ कागजात उठाकर ले जाने के कदम को शुभेंदु अधिकारी ने सरकारी कामकाज में दखलंदाजी और गैरकानूनी करार दिया.
ईडी के छापे के बीच प्रतीक जैन के घर से कागजात ले गयीं ममता बनर्जी
दरअसल, बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध कोयला खनन और कोयला तस्करी से जुड़े एक मामले में कोलकाता में आई-पैक के ऑफिस और उसके मालिक के आवास पर छापेमारी की. छापेमारी के बीच में ही ममता बनर्जी आई-पैक के मालिक प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और कुछ जरूरी दस्तावेज एक फाइल में लेकर लौट गयीं. उनकी इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने अलोकतांत्रिक करार दिया.
West Bengal Politics: टीएमसी सांसदों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की – शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को हिरासत में लिये जाने के कदम को उचित ठहराया. उन्होंने कहा कि अगर तृणमूल के नेताओं को प्रदर्शन ही करना है, तो प्रशासन की अनुमति लेकर जंतर-मंतर पर बैठ जायें. साथ ही शुभेंदु ने तृणमूल नेताओं को सलाह दी कि वे रात में वहां न बैठें. ठंड लग जायेंगी. शुभेंदु अधिकारी ने और क्या-क्या कहा, इस वीडियो में देखें.
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