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काशीवासी नहीं भूले पूर्व PM शिंजो आबे की सादगी का वो अंदाज, गंगा आरती और रुद्राक्ष की माला से श्रद्धांजलि

Updated at : 09 Jul 2022 11:04 AM (IST)
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काशीवासी नहीं भूले पूर्व PM शिंजो आबे की सादगी का वो अंदाज, गंगा आरती और रुद्राक्ष की माला से श्रद्धांजलि

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के निधन की खबर से काशी में भी माहौल गमगीन है. काशीवासियों को पूर्व पीएण का वाराणसी दौरा आज भी याद है. साथ ही याद हैं देश को उनके द्वारा दी गई सौगातें. ऐसे में रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के बाहर शिंजो आबे को रुद्राक्ष की माला से श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

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Varanasi News: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का एक कार्यक्रम के दौरान गोली मारे जाने के बाद निधन हो गया. इस खबर से भारत समेत दुनिय़ाभर के कई देशों में शोक की लहर है. भारत के वाराणसी से पूर्व पीएम का खास लगाव रहा है, यही कारण है कि आबे की मौत से काशी में भी माहौल गमगीन है. वाराणसी में भारत और जापान के मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों की मिसाल बनकर खड़े सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के बाहर आबे को रुद्राक्ष की माला से श्रद्धांजलि अर्पित की गई. शुक्रवार को गंगा आरती में भी पूर्व पीएम को श्रद्धांजलि दी गई.

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‘भारत ने अपना एक अभिन्न मित्र खो दिया’

दरअसल, जापान के प्रधानमंत्री रहते हुए शिंजो आबे ने अंतर्राष्ट्रीय रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की भारत को सौगात दी थी. सेंटर के बाहर रुद्राक्ष और पुष्प से पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन चढ़ाकर नमन किया गया. अनूप जायसवाल ने बताया कि शिंजो आबे के जाने का मतलब है कि भारत ने अपना एक अभिन्न मित्र खो दिया है. एक ऐसा मित्र जो आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ गम्भीरता से खड़ा रहता था. आर्थिक और तकनीकी रूप से सहयोग, भारत को बुलेट ट्रेन में सहयोग करना. इस तरह के अनेकों सहयोग पूर्व जापानी पीएम द्वारा भारत को मिले थे.

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रुद्राक्ष की माला से दी गई  श्रद्धांजलि

उन्होंने बताया कि यह रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर जापान ने अपने और भारत के मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों के चलते उपहार में दिया था. रुद्राक्ष बाबा भोलेनाथ को भी अतिप्रिय है. इसलिए हमने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के बाहर रुद्राक्ष की माला से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित की है.

पीएम मोदी के साथ आए थे गंगा आरती देखने

दरअसल, प्रधानमंत्री रहते हुए जब शिंजो आबे भारत आए थे. तो पीएम मोदी ने उन्हें 12 दिसंबर 2015 को वाराणसी के दर्शन करवाए थे. दोनों प्रधानमंत्रियों ने दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल हाथ में लेकर विश्व की मंगलकामना का संकल्प लिया था. दोनों ने मढ़ी में बैठकर एक घंटे से अधिक गंगा आरती देखी थी. शिंजों की यह यात्रा भारत की विदेश नीति का अहम हिस्सा थी, जिसने दुनिया की महाशक्तियों को अपना एहसास दिलाया था. उसी गंगा आरती में शुक्रवार को पूर्व पीएम के नाम पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई.

दशाश्वमेध घाट पर भी दी गई श्रद्धांजलि

गंगा सेवा निधि अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि जापान के पीएम शिंजो आबे के आकस्मिक निधन पर शोक जताते हुए उन्हें दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धांजलि दी है. वे पूर्व में पीएम मोदी के साथ गंगा घाट की आरती में सम्मिलित हो चुके हैं. इसलिए हमने शोक कार्यक्रम रखकर गंगा में दीपदान किया. आबे ने करीब नौ साल में भारत के चार दौरे किए, जिनमें एक दौरा बनारस का भी था. अपनी तीसरी इंडिया यात्रा के दौरान वह पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र आए थे. शहर के दौरे के साथ उन्होंने प्रख्यात और प्राचीन गंगा आरती में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था.

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पीएम मोदी को अपने फोन से फोटो दिखाते शिंजो आबे

आबे ने तब माथे पर तिलक लगवा और हाथ में थाली लेकर खुद गंगा मां की आरती उतारी थी. इस दौरान पीएम मोदी और अन्य लोग भी साथ थे. यही नहीं, इस कार्यक्रम के दौरान वह पीएम को अपने फोन से फोटो भी दिखाते देखे गए थे.

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रिपोर्ट- विपिन सिंह

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