CBSE टेंडर विवाद में रांची के सार्थक के 5 सवाल, OSM सिस्टम पर बोर्ड को घेरा

Published by : Ravi Mallick Updated At : 31 May 2026 5:01 PM

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CBSE बिल्डिंग और सार्थक सार्थक सिद्धांत (ANI)

CBSE Board OSM Tender: रांची के रहने वाले 12वीं के छात्र सार्थक सिद्धांत कह रहे हैं कि उन्होंने CBSE के टेंडर (Tender) दस्तावेजों की तुलना की. उन्हें लगा कि कुछ नियमों में ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे एक खास कंपनी Coempt को फायदा मिल सकता था.

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CBSE Board OSM Tender: CBSE के On Screen Marking (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है. इस बार चर्चा के केंद्र में कोई बड़ा नेता या अधिकारी नहीं, बल्कि 12वीं का एक छात्र है. छात्र सार्थक सिद्धांत (Sarthak Sidhant) ने CBSE के टेंडर डॉक्यूमेंट्स की तुलना कर कई सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में कई ऐसे बदलाव किए गए जिनसे एक खास कंपनी को फायदा मिल सकता था.

सार्थक की ओर से लिखे गए ब्लॉग ने सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा बटोरी है. कई लोगों ने उनके दस्तावेज आधारित विश्लेषण को शेयर किया और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए.

CBSE Board OSM Tender पर सार्थक के 5 सवाल

  • सार्थक का कहना है कि पुराने और नए टेंडर में अंतर मिला है. CBSE ने यह टेंडर तीन बार क्यों जारी किया. साथ ही छात्र ने पुराने और नए टेंडर की तुलना की और कई बदलाव देखे.
  • सार्थक सिद्धांत ने अपनी वीडियो में कहा है कि खराब प्रदर्शन से जुड़े नियम हटाए गए है. पुराने टेंडर में ऐसी 3 शर्तें थीं जो खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों को रोक सकती थीं. नए टेंडर में ये शर्तें हटा दी गईं.
  • पहले नियम था कि जो कंपनी कभी भी ब्लैकलिस्ट हुई हो, उसे परेशानी हो सकती थी.नए नियम में इसे बदलकर “वर्तमान में ब्लैकलिस्ट” कर दिया गया. छात्र सवाल उठा रहे हैं कि अगर कोई कंपनी पहले ब्लैकलिस्ट हो चुकी है, तो उसे मौका क्यों दिया जाए?
  • अपने ब्लॉग में सार्थक कहते हैं कि टेंडर के लिए कम से कम 50 करोड़ रुपये के कारोबार की जरूरत थी. छात्र का दावा है कि Coempt इस सीमा को बहुत मामूली अंतर (करीब 1.7%) से पार कर पाई.
  • भ्रष्टाचार से जुड़े नियम नरम किए गए.
  • छात्र का कहना है कि इन सभी बदलावों को देखने पर ऐसा लगता है कि बड़ी आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई. इसके बजाय Coempt को फायदा पहुंचाने वाली परिस्थितियां बनाई गईं.

CBSE से जवाब की उम्मीद

सार्थक ने कहा कि उन्होंने अपने ब्लॉग के जरिए कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं और उन्हें उम्मीद है कि CBSE इनका जवाब देगा. उनका मानना है कि सरकारी टेंडर और खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होनी चाहिए ताकि आम लोग भी दस्तावेज आसानी से देख और समझ सकें.

यह भी पढ़ें: CBSE Board के OnMark पोर्टल में गड़बड़ी, बोर्ड ने एथिकल हैकर्स को कहा धन्यवाद

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लेखक के बारे में

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रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

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