यूपी के इन 12 जिलों को 'गंगा एक्सप्रेस-वे' के कारण मिलेगा विशेष सौगात, अगले साल से निर्माण कार्य होगा शुरू

Updated at : 23 Nov 2020 10:58 AM (IST)
विज्ञापन
यूपी के इन 12 जिलों को 'गंगा एक्सप्रेस-वे' के कारण मिलेगा विशेष सौगात, अगले साल से निर्माण कार्य होगा शुरू

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यूपी में बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे(ganga expressway project) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया(land acquisition) में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. निर्माण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने ग्रीनफील्ड परियोजना(greenfield project) शुरू करने के लिए संबंधित विभागों को 'मिशन मोड' में काम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने प्राधिकरण को अगले साल मेरठ से प्रयागराज तक 36,410 करोड़ के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (greenfield expressway)पर निर्माण काम शुरू करने के लिए कहा है.

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यूपी में बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे(ganga expressway project) के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया(land acquisition) में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. निर्माण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सीएम ने ग्रीनफील्ड परियोजना(greenfield project) शुरू करने के लिए संबंधित विभागों को ‘मिशन मोड’ में काम करने का निर्देश दिया है. उन्होंने प्राधिकरण को अगले साल मेरठ से प्रयागराज तक 36,410 करोड़ के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (greenfield expressway)पर निर्माण काम शुरू करने के लिए कहा है.

जून 2021 में किया जाएगा शिलान्यास

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 594 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले एक्सप्रेसवे का शिलान्यास जून 2021 में किया जाएगा. जिसका विस्तार आठ लेन तक होगा. और तब तक भूमि अधिग्रहण का 90 प्रतिशत काम पूरा हो जाना चाहिए.

यूपी के 12 जिलों से होकर गुजरेगी एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ में शंकरपुर गाँव के पास NH-235 से शुरू होगा, जो प्रयागराज जिले में सोरांव के पास NH 330 पर समाप्त होगा. यह 12 जिलों – मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहाँपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ रहे सभी 12 जिलों में औद्योगिक क्लस्टर तैयार किए जाएं.

Also Read: Coronavirus Vaccine in india: देश को फरवरी में मिल सकता है दो-दो कोरोना वैक्सीन, मोदी सरकार आधी कीमत पर खरीदेगी
गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत…

गंगा एक्सप्रेसवे की खासियत यह है कि यह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और बलिया लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से राज्य में अन्य एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा. पूरी तरह तैयार होने के बाद, उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे का कुल नेटवर्क 1,900 किलोमीटर का होगा और यह औद्योगिक व कृषि विकास को गति प्रदान करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को आकर्षित करेगा.

यात्रा की गति 100 किमी प्रति घंटा होगी, यात्रा के समय में होगी बचत

गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के सबसे लंबे, छह लेन (आठ लेन तक विस्तार योग्य) एक्सप्रेसवे बन जाएगा, जो पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा. इस एक्सप्रेसवे से दो शहरों के बीच यात्रा करने में काफी समय की बचत होगी. इस एक्सप्रेसवे की डिजाइन गति 120 किमी प्रति घंटा होगी जबकि यात्रा की गति 100 किमी प्रति घंटा होगी.

आवारा पशुओं और स्थानीय लोगों की गलत तरीके से आवाजाही रोकने के इंतजाम

आवारा पशुओं और स्थानीय लोगों की गलत तरीके से आवाजाही रोकने के लिए एक्सप्रेस-वे के किनारे एक प्रीकास्ट कंक्रीट बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जाएगा.वहीं जनता की सुविधा के लिए सड़क किनारे इंतजाम प्रदान की जाएंगी.

2019 में कुंभ मेले के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की हुइ थी घोषणा

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ ने 2019 में कुंभ मेले के दौरान गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण की घोषणा की थी. यह परियोजना पिछले 15 वर्षों से लंबित थी. अनुमान के अनुसार करीब 9,255 करोड़ भूमि अधिग्रहण के लिए खर्च किए जाएंगे, जबकि 22,145 करोड़ रूपए इस प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों के लिए खर्च होंगे.

Posted by : Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola